नई दिल्ली: देश के प्रमुख हिस्सों में रविवार को पारे का चढ़ना जारी रहने के साथ ओडिशा का टिटलागढ़ सबसे गर्म इलाका रहा जहां का तापमान 48.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि असम के चार जिलों में बाढ़ आने से करीब 45,000 लोग प्रभावित हुए है। टिटलागढ़ में पिछले कई दिनों से तेज लू चल रही है और आज इस कस्बे में अप्रैल महीने के लिए पिछले 17 साल में उच्चतम तापमान दर्ज किया गया।
भुवनेश्वर में मौसम विभाग के निदेशक शरद साहू ने कहा, वर्ष 2003 में पांच जून को टिटलागढ़ में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस का स्तर पार कर गया था। अप्रैल के महीने में 1999 के बाद से यह उच्चतम स्तर है। अप्रैल, 1999 में तापमान 48.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। ओडिशा सरकार ने लू के चलते चार लोगों के मरने की पुष्टि की है। हालांकि, राज्य में भीषण गर्मी के चलते मरने वाले लोगों की अस्थायी संख्या 79 से बढ़कर 88 हो गई है।
बिहार में भी तेज लू चल रही है। हालांकि राजधानी पटना सहित कई जगहों पर पारा मामूली रूप से गिरा है। राज्य में रविवार लगातार दूसरे दिन पटना सबसे गर्म स्थान रहा जहां का अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कल 43.3 डिग्री सेल्सियस था। वहीं गया में दिन का अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
झारखंड में स्टील सिटी जमशेदपुर में भी तापमान बढ़कर 45.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के स्तर से नीचे रहा। अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि सामान्य से एक डिग्री कम है। पश्चिम बंगाल में बांकुड़ा जिले में अधिकतम 43.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि कोलकाता में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
गांगेय पश्चिम बंगाल के जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के स्तर से थोड़ा उपर रहा। बर्दवान, आसनसोल और श्रीनिकेतन में रविवार को क्रमश: 41.5, 41.6 और 41.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दक्षिण भारत में, चेन्नई, हैदराबाद और कई अन्य शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से उपर रहा। वहीं हरियाणा में हिसार में तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
पंजाब में अमृतसर में सबसे अधिक 35.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि लुधियाना और पटियाला में अधिकतम तापमान क्रमश: 36.5 डिग्री सेल्सियस व 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर बाढ़ प्रभावित असम में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि अभी तक 1,018 हेक्टेयर फसल रकबा बाढ़ के पानी में डूब गया है, जबकि बुरहिडिहिंग और देसांग नागलामुर्गा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
Latest India News