कोलकाता: भारतीय रेल अगले पांच साल में अवसंरचना और सेवाओं की गतिशीलता पर 140 अरब डॉलर निवेश करेगा। यह बात गुरुवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कही। प्रभु ने एमसीसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक कार्यक्रम में कहा, "भारतीय रेल अगले पांच साल में 140 अरब डॉलर खर्च करेगा। हमने लोकोमोटिव पर 94 हजार करोड़ रुपए निवेश किए हैं और हमने 40 हजार करोड़ और निवेश करने का फैसला किया है।"
उन्होंने कहा कि विकास में तेजी लाने के लिए देश में जीडीपी का 10-11 फीसदी अवसंरचना पर खर्च होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारा मुख्य ध्यान अवसंरचना पर है और अवसंरचना के विभिन्न क्षेत्रों में परिवहन एक प्रमुख क्षेत्र है।"
मंत्री ने कहा कि एक गतिशीलता निर्देशिका पर काम चल रहा है, जिसका मकसद अवसंरचना के सभी पहलुओं का उपयोग कर गाड़ियों की औसत गति बढ़ाना है। उन्होंने कहा, "हमने एक लाख करोड़ रुपए के अनुमानित खर्च के साथ उच्च रफ्तार रेल परियोजना बनाई है और अर्ध उच्च रफ्तार ट्रेनों के लिए प्रक्रिया जारी है।" मंत्रालय गैर किराया आय बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है।
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