लखनऊ: केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद, उग्रवाद और माओवाद को देश के लिए चुनौती बताते हुए इनसे निपटने में लगीं जांच एजेेंसियों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने की जरूरत पर आज बल दिया। राजनाथ सिंह ने यहां एनआईए की लखनऊ शाखा के भवन का शिलान्यास करते हुए कहा, तफ्तीश और जांच का काम अब पुरातन तरीके से नहीं चल सकता, अपराधी उच्च तकनीकि से लैस हैं और ऐसे में जांच एजेंसियों को भी अत्याधुनिक तकनीक अपनानी होगी।
उन्होंने कहा, इतने कम समय मेे एनआईए ने जिस तरह से काम किया है, इससे भारत के लोग ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया मानने लगी है कि एनआईए पेशेवर, निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से काम करने वाली बेहतरीन एजेंसी है।
गृहमंत्री ने एनआईए की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए कहा, हमने उग्रवाद, आतंकवाद और माओवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया है और यदि इसी रफ्तार से काम करते रहे तो आगे और भी सफलता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा, एनआईए जटिल आपराधिक मामलों की जांच करती है ... आतंकवाद, माओवाद और उग्रवादियों की संलिप्तता अन्तरराष्ट्रीय स्तर तक होती है और इस तरह इस राष्ट्रीय एजेंसी का काम और भी चुनौती पूर्ण हो जाता है।
सिंह ने दुनिया के सामने एक नये और गंभीर संकट के रूप में उभरे आईएसआईएस का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के दूसरे देशों में ISIS के सदस्यों की संख्या जो भी हो, भारत में इनके सदस्यों की संख्या नगण्य है और इसका सबसे बडा कारण भारतीय मुस्लिम परिवार अपने बच्चों को उस रास्ते पर जाने से रोकते हैं।
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