नई दिल्ली: किसी की हत्या हो जाए, किसी की दुनिया उजड़ जाए और राजनीति उसमें अपना नफा-नुकसान तलाशने लगती है। बिहार और झारखंड में 24 घंटे के भीतर हुई दो पत्रकारों की हत्या के मामले में भी कुछ ऐसा ही खेल चल रहा है। सिवान में कल शाम एक बड़े अख़बार के पत्रकार की बदमाशों ने सरेआम गोली मार दी और फरार हो गए। उधर, झारखंड के चतरा में एक टीवी पत्रकार की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। अब हो ये रहा है कि सिवान वाली घटना पर बीजेपी नीतीश कुमार पर हमला बोल रही है जबकि झारखंड की घटना पर लालू ने बीजेपी से सवाल पूछे हैं।
बिहार से झारखंड तक पत्रकारों का मर्डर
शुक्रवार की शाम करीब साढ़ें सात बजे सिवान में हिंदी अखबार के स्थानीय ब्यूरो चीफ 42 साल के राजदेव रंजन की अज्ञात बदमाशों ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि दो बदमाश मोटरसाइकिल पर सवार थे और उन्होंने राजदेव रंजन को बेहद नजदीक से गोली मारी, एक गोली उनके सिर और दूसरी गर्दन में लगी। गोली लगने से जख्मी हुए राजदेव को पुलिस अस्पताल ले गई, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वारदात के बाद बाइक सवार बदमाश भागने में कामयाब रहे।
24 घंटे बाद भी बिहार पुलिस खाली हाथ
इस वारदात का न कोई चश्मदीद सामने आया, न सीसीटीवी फुटेज मिल पाया और न हत्यारों का कोई सुराग हाथ लगा। पिछले करीब 24 घंटे में बिहार पुलिस सिर्फ दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सिवान की पुलिस को पहले उम्मीद थी कि वारदात वाली जगह के ठीक सामने स्थित एक दुकान में लगे CCTV कैमरे में कुछ न कुछ सुराग जरूर मिल जाएगा लेकिन जब पुलिस इसकी तलाश में पहुंची तो निराशा ही हाथ लगी।
'जंगलराज' पर जबरदस्त सियासी जंग
आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि उन्हें कानून का कोई डर ही नहीं है। इसी सवाल को सियासी पार्टियां भी पूछ रही हैं लेकिन अपने-अपने एजेंडे के हिसाब से। बीजेपी तो कानून व्यवस्था के सवाल पर नीतीश कुमार के खिलाफ सबसे ज्यादा मुखर है। लेकिन झारखंड में जहां बीजेपी की सरकार है, वहां भी कल एक पत्रकार की सरेआम हत्या हो गई। अब बीजेपी और उसकी विरोधी पार्टियां दोनों हत्याओं को एक-दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं।
आगे की स्लाइड में देखे वीडियो-
Latest India News