नई दिल्ली: इशरतजहां कथित फर्जी मुठभेड़ मामले से संबंधित गुम फाइलों का पता लगाने के लिए गठित एक सदस्यीय जांच समिति दस्तावेज खोजने के सुराग हासिल करने के लिए कुछ अधिकारियों से दूसरी बार पूछताछ करेगी। गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बीके प्रसाद की समिति इशरत मामले के हलफनामों के प्रभारी रहे पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि सहित कुछ अधिकारियों को बुलाएगी।
घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने कहा, एक दर्जन से अधिक अधिकारियों से पूछताछ के बाद कुछ नए तथ्य प्रकाश में आए हैं। इन नई जानकारियों की पुष्टि करने के लिए कुछ अधिकारियों से फिर से पूछताछ जरूरी हो गई है। समिति ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी देवराकोंडा दीप्तिविलासा और सेवारत आईएएस अधिकारियों धर्मेंद्र शर्मा तथा राकेश सिंह और आईपीएस अधिकारी एम ए गणपति के बयान पहले ही दर्ज कर लिए हैं। ये चारों अधिकारी गृह मंत्रालय में विभिन्न काल में संयुक्त सचिव के तौर पर अहम आंतरिक सुरक्षा प्रभाग संभाल चुके हैं।
दीप्तिविलासा फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र की कारपोरेशन बैंक में निदेशक हैं जबकि शर्मा दिल्ली सरकार में हैं। सिंह कर्नाटक सरकार में सेवाएं दे रहे हैं। गणपति अब उत्तराखंड पुलिस में महानिदेशक हैं। सूत्रों ने कहा कि चारों अधिकारियेां ने अपनी अपनी स्थिति बताई और माना जाता है कि उन्होंने इशरत जहां मामले से संबंधित गुम दस्तावेजों के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही। समिति कई निदेशक, उपसचिव एवं अवर सचिव स्तर के अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है।
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