नई दिल्ली: गृह मंत्रालय को मिली ताजा खुफिया जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI घाटी के चुनिंदा अलगाववादी नेताओं की हत्या की साजिश पर काम कर रही है। ISI को यह लग रहा है कि अलगाववादी नेता उसके एजेंडे पर काम नहीं कर पा रहे हैं। इसे घाटी को अशांत और तनावपूर्ण रखने की ISI ने बड़ी साजिश रची है।
गृह मंत्रालय के पास पहुंची एक सीक्रेट रिपोर्ट में साफ है कि सीमा पार ISI ने 4 आतंकवादी गुटों को आदेश दिया है कि बह कशमीर में माहौल को बिगाड़ने के लिए कुछ अलगाववादी नेताओ की हत्या करें।
राज्य की खुफिया एजेसियों के सूत्रों का कहना है कि मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) ने गृह मंत्रालय को रिपोर्ट दी थी कि ISI राज्य में अलगवावादियों को मार कर राज्य में माहौल खराब करना चाहती है।
घाटी में PDP-BJP गठबंधन की सरकार बनने के बाद अलगाववादियों को किसी भी फैसले में भागीदार नहीं बनाया जा रहा है। राजनाथ सिंह ने भी यह साफ कर दिया है कि केंद्र की ओर से अलगाववादियों से कोई बातचीत नहीं की जाएगी।
सूत्रो का कहना है कि सोपोर में हुए हमले जिसमें कई हुरियत समर्थक मारे गए हैं वह हिजबलु मुजाहीदीन के समर्थक नए गुट लशकर-ए-इस्लाम ने ये सब किया है। इस गुट के सीधे ISI से आदेश मिल रहे हैं। ये गुट घाटी में 2005 बाले हालात पैदा करना चाहता है। क्योंकि 18 अक्टूबर 2005 को हुर्रियत के एक कद्दवार नेता गुलाम नबी लोन की हत्या की गई थी उसके बाद घाटी में काफी ज्यादा हालात खराब हुए थे बही माहौल एक बार फिर बनाना चाहते हैं। कशमीर और राज्य में सक्रिय सुरक्षा एजेंसियो ने इस बारे मे गृह मंत्रालय को काफी पहले ही बताया था।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की घटना में भले 25% कमी का दावा कर था, पर तस्वीर इसके उलट नज़र आ रही है।
Latest India News