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इसरो प्रमुख ने जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताई

काजीरंगा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष ए.एस.किरण कुमार ने यहां शनिवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन वैज्ञानिकों के लिए कोई गूढ़ पहेली नहीं रही, लेकिन यह एक बड़ी चुनौती है, जो अर्थव्यवस्था, जीविकोपार्जन,

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इसरो प्रमुख ने जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताई

काजीरंगा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष ए.एस.किरण कुमार ने यहां शनिवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन वैज्ञानिकों के लिए कोई गूढ़ पहेली नहीं रही, लेकिन यह एक बड़ी चुनौती है, जो अर्थव्यवस्था, जीविकोपार्जन, स्वास्थ्य, कृषि व अन्य परिप्रेक्ष्य में प्रभावित करेगा। असम के निकट जोरहाट कस्बे में काजीरंगा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को इस बात को अब सुनिश्चित करना चाहिए कि वे अपने छोटे से फायदे के लिए पर्यावरण को होने वाली अपूरणीय क्षति को बंद करे।

उन्होंने कहा, "जलवायु परिवर्तन सर्वाधिक चिंतनीय मुद्दों में से एक है, जिसपर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। मौसम में अकस्मात परिवर्तन, अकस्मात बारिश से फसलों को क्षति, समुद्र तल का ऊपर उठना, मीठे पानी के तटीय स्रोतों का प्रदूषित होना, बाढ़ के खतरे में बढ़ोतरी तथा पर्यावरण का गर्म होना और ध्रुवीय क्षेत्रों की तरफ बीमारियों का प्रसार होना, जो कभी एक खास जगह तक सीमित रहती थी, जैसी समस्याएं आ रही हैं।"

विश्वविद्यालय ने किरण कुमार व सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान को संबंधित क्षेत्रों में योगदान के लिए मानद डॉक्टोरेट उपाधि प्रदान की। उन्होंने कहा, "यह सर्वविदित है कि विज्ञान व प्रौद्योगिकी के अधिकांश डिजाइन व नवोन्मेष प्रकृति से प्रेरित रहे हैं। दुनिया भर मेंविभिन्न उद्योगों के इंजीनियर प्रेरणा के लिए प्रकृति की ओर मुखातिब हो रहे हैं, ताकि वे एक ऐसे उत्पाद का निर्माण कर सकें, जिसका प्रदर्शन बेहतर हो और ऊर्जा की खपत कम हो।"

प्रकृति ऐसी चीजों से भरी है, जिससे हम प्रेरणा ले सकते हैं। उन्होंने कहा, "हमें जिस चीज की जरूरत है, उसके लिए केवल प्रकृति को देखें और सुनें।" उन्होंने कहा, "जब भी हम अपने लाभ के लिए किसी नई प्रौद्योगिकी को अपनाते हैं, हमें सिक्के के दोनों पहलुओं को देखना होता है।" अध्यक्ष ने कहा, "ऐसा संभव हो सकता है कि हम अपने तुच्च स्वार्थ के लिए प्रकृति को अपूरणीय क्षति तो नहीं पहुंचा रहे।"

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