चेन्नई: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जुलाई के मध्य तक दोबारा इस्तेमाल योग्य विमान के आकार के प्रक्षेपण यान के लघु रूप को लांच करेगा। इसरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। सतीश धवन स्पेस सेंटर (एसडीएससी) के निदेशक एम. वाई. एस. प्रसाद ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से फोन पर आईएएनएस से कहा, " इसरो के लिए यह बेहद अहम परीक्षण होने वाला है। विमान के आकार का एक छोटा सा प्रक्षेपण यान जुलाई के दूसरे सप्ताह के करीब लांच किया जाएगा।"
इसरो के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्षेपण यान को पीएसएलवी रॉकेट पर स्थापित किया जाएगा जिसमें नौ टन ईंधन होगा।
भूतल से 70 किलोमीटर की ऊंचाई पर यह प्रक्षेपण यान, रॉकेट से अलग हो जाएगा और वापस पृथ्वी की ओर गिरने लगेगा।
इसरो के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "प्रक्षेपण यान के धरती की ओर गिरने के दौरान उसकी गति को उस पर लगे पंखों की मदद से नियंत्रित किया जाएगा। धरती की ओर लौटते हुए घर्षण के कारण पैदा होने वाली गर्मी से बचाने के लिए जरूरी रक्षात्मक टाइल्स लगाए गए हैं।"
इस प्रायोगिक प्रक्षेपण यान का वजन 1.5 टन होगा, जो वास्तविक प्रक्षेपण से कहीं कम है।
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