नयी दिल्ली: आठवीं कक्षा के बाद किए गए आईटीआई कोर्स को दसवीं के बराबर माना जाएगा ताकि छात्र अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकें। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बताया कि गुरुवार को राष्ट्रीय कौशल परिषद की पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित थे।
फडणवीस ने कहा कि इस कदम से छात्रों की पढ़ाई में गतिशीलता आएगी। इसी तरह दसवीं के बाद किए गए आईटीआई कोर्स को भी बारहवीं के बराबर माना जाएगा।
फडणवीस ने कहा जिस तरह कौशल विकास संस्थान बढ़ रहे हैं उनके लिए यूजीसी के दिशा-निर्देशों में बदलाव करने की जरूरत है, क्योंकि विशेष विश्वविद्यालयों की जरूरतें नियमित विश्वविद्यालयों से अलग होती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जो छात्र इस कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण लेते हैं उनको मुद्रा योजना जैसी योजनाओं के तहत आसानी से रिण भी मुहैया करवाया जाना चाहिए।
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