जम्मू: जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने एकल पीठ द्वारा राज्य सरकार को सरकारी भवनों और सांविधानिक प्राधिकारियों के वाहनों पर राज्य का झंडा लहराने के बारे में दिये गये आदेश पर आज रोक लगा दी। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव फारूख खान ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए न्यायमूर्ति ताशी रबस्तान और न्यायमूर्ति बंसी लाल भट की पीठ के सामने याचिका दायर की थी।
न्यायमूर्ति हसनैन मसूदी की एकल पीठ ने सरकार के उस परिपत्र को सही ठहराया था जिसमें सभी संवैधानिक अधिकारियों को अपने सरकारी भवनों एवं वाहनों पर राज्य का झंडा लगाने को कहा गया था। याचिकाकर्ता के वकील सुनील सेठी ने संवाददाताओं से कहा, काफी देर तक दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने अंतत: एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी। विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है।
झंडा घटनाक्रम से राज्य में एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह कहते हुए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद पर निशाना साधा था कि यदि वह अपनी सहयोगी भाजपा की कुटिल साजिश से राज्य की मर्यादा और झंडे को बचा नहीं सकते तो उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए तथा कोई ऐसा ढूंढना चाहिए जो इसका बचाव कर सके। राज्य में मुफ्ती की पार्टी पीडीपी की सहयोगी भाजपा का रूख एक विधान, एक निशान, एक प्रधान का रहा है।
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