2014 में केंद्र सरकार ने ओबीसी का दर्जा दिया लेकिन 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया
दरअसल जाटों ने आरक्षण की मांग करते हुए इससे पहले भी आंदोलन किया था। 2 मार्च 2014 को केंद्र सरकार ने जाटो को केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी में शामिल भी कर लिया था। लेकिन जाटो के आरक्षण पर सवाल उठाती एक याचिका की सुनवाई करते हुए 17 मार्च 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जाटो का आरक्षण देना ठीक नहीं है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जाति पिछडेपन का एकमात्र आधार नहीं हो सकती है।
हरियाणा सरकार जाटो को दे सकती है आरक्षण
गुड़गांव, फरीदाबाद और रोहतक में आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे जाट समुदाय की मांगो पर विचार करते हुए हरियाण की भाजपा सरकार ने आरक्षण देने पर सहमति के संकेत दिए है।इस संबंध में मुख्यमंत्री की पहल पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में इस संबंध में अपने विचार स्पष्ट कर दिए है। विस के बजट सत्र में इस संबंध में हरियाणा सरकार बिल लाएगी।
Latest India News