चेन्नई: बाढ़ सहायता को लेकर द्रमुक अध्यक्ष करुणानिधि की आलोचनाओं के कुछ दिन बाद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने आज बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की जिसमें 10,000 घर, लोगों को पांच हजार से 10 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद और किसानों की फसलों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा शामिल है।
जयललिता ने कहा कि बाढ़ में अपने घर खो चुके लोगों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और उनके लिए 10,000 घर आवंटित किये जाएंगे। वहीं बाढ़ प्रभावित अन्य परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये की सहायता की घोषणा की।
जयललिता ने यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ‘अपने घर खो चुके परिवारों के लिए 10,000 रुपये की बाढ़ राहत, 10 किलो चावल, एक धोती और साड़ी दी जाएगी। बाढ़ में घर खो चुके ऐसे परिवारों को स्थाई आवास भी प्रदान किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि चेन्नई में तत्काल 10,000 आवासों का आवंटन किया जाएगा।
बता दे कि द्रमुक अध्यक्ष करुणानिधि ने पांच दिसंबर को कहा था कि पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने अपने राज्य में बाढ़ पीडि़तों से मुलाकात की और उन्हें सहायता की घोषणा की जिसमें सभी राशन कार्ड धारकों के लिए चार-चार हजार रुपये की मदद शामिल है। करुणानिधि ने सवाल खड़ा किया था कि क्या तमिलनाडु में अभी तक इस तरह की घोषणा की गई है।
इस बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों के बैंक खातों में राहत सहायता जमा की जाएगी और चावल, धोती तथा साड़ी जैसी चीजें सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से वितरित की जाएंगी। जयललिता ने कहा कि उन्होंने तत्काल प्रभावित परिवारों की गिनती करने का आदेश दिया है और सूची पूरी होने के बाद कुछ दिन में सहायता बांट दी जाएगी।
मुख्यमंत्रियों ने अपने मवेशी खो चुके लोगों के लिए भी मदद का ऐलान किया है। गाय, भैंस आदि खो चुके लोगों को 30,000 रुपये, भेड़ और सुअरों के लिए तीन हजार रुपये के मुआवजे का आदेश दिया है।
इस बीच सरकार ने एक और विज्ञप्ति में कहा कि 15,32,746 लोगों को बाढ़ से बचाकर निकाला गया है और राहत केंद्रों में रखा गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 5554 राहत केंद्र खोले गये हैं और करीब 1,00,94,470 भोजन के पैकेट बांटे गये हैं। इसके अलावा लोगों के इलाज के लिए 24779 चिकित्सा केंद्र भी खोले गये हैं जिनमें 21,97,989 लोगों का इलाज किया गया है।
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