बेंगलुरू: जद(एस) ने रविवार को अपने उन आठ बागी विधायकों को निलंबित कर दिया जिन्होंने राज्यसभा चुनाव में कर्नाटक से पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ वोट किया था और कांग्रेस का समर्थन किया था। जद(एस) नेतृत्व ने बागियों को भी एक नोटिस जारी कर उनसे पूछा है कि शनिवार को हुए चुनाव में पार्टी व्हिप की अवज्ञा करने को लेकर क्यों नहीं उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाना चाहिए। इस चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार एवं कारोबारी बीएम फारूक को 33 वोट मिले जबकि पार्टी की क्षमता 40 वोट की थी।
पार्टी विधायकों, पंचायत सदस्यों और पदाधिकारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए जद(एस) राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा ने कहा, सभी आठ सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है और उन्हें नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान के मुताबिक तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया जाएगा जो नोटिस पर निलंबित विधायकों के जवाब पर विचार कर निष्कासन पर फैसला करेगी।
शुक्रवार को कर्नाटक विधान परिषद के सात सीटों को भरने के लिए हुए द्विवार्षिक चुनावों में भी विधायकों के क्रॉस वोटिंग में संलिप्त रहने का आरोप लगाते हुए पार्टी ने कहा कि यदि कोई जवाब नहीं मिला तो पार्टी के संविधान के मुताबिक उन्हें निष्कासित कर दिया जाएगा। कार्रवाई का सामना करने वाले बागी विधायकों में जमीर अहमद खान, चलूवारय स्वामी, इकबाल अंसारी, बालकृष्ण, रमेश बंदीसिद्देगौड़ा, गोपालैया, भीमा नायक और अखंड श्रीनिवास मूर्ति शामिल हैं। इन लोगों ने राज्यसभा के लिए कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार केसी राममूर्ति के लिए वोट कर उनकी जीत का मार्ग प्रशस्त किया था। इससे पहले पार्टी ने एक प्रस्ताव स्वीकृत कर अपने अध्यक्ष से उन आठ विधायकों को निलंबित और निष्कासित करने को कहा है।
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