नयी दिल्ली: JNU प्रशासन ने दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा प्रमुख अमित शाह और अन्य नेताओं के चेहरे लगाकर रावण का पुतला जलाए जाने की घटना की जांच के आदेश दिए और इस घटना में कथित रूप से शामिल छात्रों को कारण बताओ नोटिस भेजे। इस बीच, कांग्रेस से जुड़े संगठन NSUI ने कहा कि संगठन प्रदर्शन के पीछे की मंशा का समर्थन करता है, लेकिन तरीके का नहीं। कार्यक्रम के आयोजक इसी संगठन के थे।
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मंगलवार रात को जिन पुतलों को परिसर में जलाया गया उनमें से एक पर विश्वविद्यालय के कुलपति जगदेश कुमार की तस्वीर भी लगाई गई थी। कुमार ने कहा, "पुतले जलाने की घटना की जांच का आदेश दे दिया गया है। हम इस मामले को देख रहे हैं।"
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि घटना में कथित रूप से शामिल छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये हैं। उनसे प्राक्टर के सामने पेश होकर इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया। इससे एक हफ्ते पहले विश्वविद्यालय ने गुजरात सरकार और गौरक्षकों के पुतले जलाए जाने के मामले में प्रॉक्टर से जांच करवाने के आदेश दिए थे और इससे संबंधित विद्यार्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
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