1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कॉलेजियम के जरिए होगी जजों की नियुक्ति, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर

कॉलेजियम के जरिए होगी जजों की नियुक्ति, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर

नई दिल्‍ली: NJAC पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब कॉलेजियम ने एक बार फिर जजों की नियुक्ति का काम शुरू कर दिया है। जजों की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम सिस्टम पर सुप्रीम मुहर लगने

कॉलेजियम के जरिए होगी...- India TV Hindi
कॉलेजियम के जरिए होगी जजों की नियुक्ति

नई दिल्‍ली: NJAC पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब कॉलेजियम ने एक बार फिर जजों की नियुक्ति का काम शुरू कर दिया है। जजों की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम सिस्टम पर सुप्रीम मुहर लगने के बाद सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने 24 जजों की हाई कोर्ट में नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। कॉलेजियम ने अतिरिक्त जज के रूप में विभिन्न हाई कोर्ट में काम कर रहे इन 24 जजों को स्थायी जज बनाने की सिफारिश कर दी है।

केंद्र सरकार ने भी कॉलेजियम की सिफारिशों को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही जजों की नियुक्ति को लेकर NJAC एक्ट बनने से पहले की प्रक्रिया फिर से चालू हो गई है। मौजदा समय में सुप्रीम कोर्ट में तीन और देश के विभिन्न हाई कोर्ट में कुल 392 जजों के पद खाली पड़े है। कॉलेजियम सिस्टम को जल्द ही उन पदों को भरना होगा।

क्या है कोलेजियम व्यवस्था?

कोलेजियम पांच लोगों का समूह है। इन पांच लोगों में भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जज है। कोलेजियम द्वारा जजों के नियुक्ति का प्रावधान संविधान में कहीं नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के पांच वरिष्ठतम जजों की कमेटी (कोलेजियम) नियुक्ति व तबादले का फैसला करती है। कोलेजियम की सिफारिश मानना सरकार के लिए जरूरी होता है। यह व्यवस्था 1993 से लागू है।

कोलेजियम प्रणाली सुप्रीम कोर्ट की दो सुनवाई का नतीजा है। पहला 1993 का और दूसरा 1998 का है। कोलेजियम बनाने के पीछे न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने की मानसिकता सुप्रीम कोर्ट की रही। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्ति के लिए संविधान में निहित प्रावधानों को दुबारा तय किया और जजों के द्वारा जजों की नियुक्ति का अधिकार दिया। कोलेजियम किसी व्यक्ति के गुण-कौशल के अपने मूल्यांकन के आधार पर नियुक्ति करता है और सरकार उस नियुक्ति को हरी झंडी दे देती है।

सवालों के घेरे में कोलेजियम व्यवस्था

सुप्रीम कोर्ट ने कोलेजियम व्यवस्था फिर बहाल कर दी है लेकिन यह अभी भी सवालों के घेरे में है। इसमें सुधार की जरूरत है। ये बात सुप्रीम कोर्ट भी जानता है और इसीलिए कोर्ट ने कोलेजियम व्यवस्था में सुधार पर विचार का मन बनाया है। इस बाबत उसने सरकार व अन्य पक्षों से सुझाव मांगे है। 3 नवंबर को मामले पर सुनवाई होगी।

Latest India News