इंदौर: रोहित वेमुला को साहसी नौजवान बताते हुए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय का यह दलित शोधार्थी छात्रावास से अपने निष्कासन की छोटी सी घटना के कारण खुदकुशी नहीं कर सकता था। विजयवर्गीय ने यहां संवाददाताओं से कहा, वेमुला की आत्महत्या एक दुखद घटना है। वह एक साहसी नौजवान थे और प्रवाह के विपरीत तैरने का साहस रखते थे। हालांकि, उनकी आत्महत्या के मामले की जांच जारी है। लेकिन मैं नहीं मान सकता कि वह छात्रावास से अपने निष्कासन की छोटी सी घटना से परेशान होकर जान दे सकते थे।
उन्होंने कहा, मुझे लग रहा है कि वेमुला की आत्महत्या के लिए वे ही लोग जिम्मेदार हैं, जो उनकी आत्महत्या के विरोध में आंदोलन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। वेमुला की आत्महत्या के मामले की जांच पूरी होने के बाद उनकी मौत पर आंदोलन करने वाले लोगों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। वेमुला की मौत को लेकर हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में जारी विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने कहा, वेमुला की मौत पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। लेकिन हमारे विरोधी इस मामले में इसलिए राजनीति कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें यह बात पच नहीं रही है कि मोदी की अगुवाई में दुनिया भर में भारत का रुतबा बढ़ रहा है।
विजयवर्गीय ने एक सवाल पर कहा, कांग्रेस की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती सरकारों ने सुभाषचंद्र बोस की मौत के रहस्य से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की बरसों पुरानी मांग पूरी नहीं की। लेकिन मोदी ने नेताजी के परिवार के लोगों से किया वादा निभाते हुए इन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया। इस बात से प्रसन्न होकर ही नेताजी के पड़पोते चंद्र बोस हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी ने कहा, मोदी सरकार ने नेताजी की मौत से जुड़े दस्तावेजों को देशहित में इसलिये सार्वजनिक किया, ताकि इतिहास के सही तथ्य आम लोगों के सामने आ सकें। देश में आरक्षण की समीक्षा को लेकर चल रही बहस पर विजयवर्गीय ने कहा, हम इस बात के पक्ष में हैं कि समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को आरक्षण का लाभ पहले की तरह मिलते रहना चाहिए।
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