कैराना: यूपी के कैराना से हिंदुओं के कथित पलायन की जांच करने संतों की एक कमेटी कैराना पहुंची ये कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट अगले तीन दिन में यूपी सरकार को देगी। उन्होंने माना है कि कैराना में दहशत और गुंडागर्दी है। संतों की टीम अब से पहले कैराना के व्यापारी वरुण सिंघल के घर गयी वरुण के भाई विनोद सिंघल की साल 2014 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वरुण सिंघल ने कहा कि वो डर की वजह से पलायन करने की सोच रहा था लेकिन संतों के भरोसे के बाद उसने अपना इरादा बदल लिया है।
कैराना में पहले बीजेपी का जांच दल गया, फिर सर्वदलीय जांच दल पहुंचा और अब संतों की कमेटी पहुंची है। कैराना की सियासी बिसात पर बीजेपी बाजी ना मार ले जाए इसलिए समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर उसी के हथियार से वार किया है। मामला हिंदुओं से जुड़ा है इसलिए समाजवादी पार्टी ने संतों का जांच दल कैराना भेजा है। संतों की कमेटी का ऐलान यूपी के पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल यादव ने दो दिन पहले ही कर दिया था।
जांच दल में कौन शामिल?
इस जांच दल में आचार्य प्रमोद कृष्णम, स्वामी चक्रपाणि, कल्याण देव, नारायण गिरी और स्वामी चिन्मयानंद शामिल हैं। कैराना पर एक जांच रिपोर्ट शामली जिला प्रशासन ने भी दी है।
कैराना पर सरकारी जांच रिपोर्ट
- बीजेपी सांसद हुकुम सिंह का दावा खारिज कर दिया है
- हुकुम सिंह ने 346 परिवारों का ब्यौरा दिया था जिसकी जांच की गई
- प्रशासन के मुताबिक 67 परिवार 10 साल पहले ही कैराना छोड़ चुके हैं
- 179 परिवारों ने पिछले 4-5 साल में कैराना छोड़ा है
- और 73 परिवार पिछले 3 साल में रोजगार के लिए कैराना से बाहर गए
- हुकुम सिंह ने जो ब्यौरा दिया है उसमें से 16 लोगों की मौत हो चुकी है
- 3 परिवार अब भी कैराना में हैं
- सिर्फ 3 परिवारों को फिरौती की वजह से कैराना छोड़ना पड़ा है
ओवैसी ने छेड़ा नया राग
कैराना से हिंदुओं की पलायन की खबर के बीच MIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने नया राग छेड़ा है। ओवैसी ने कहा है कि मुज़फ्फरनगर दंगों के बाद पचास हज़ार से ज्यादा मुसलमानों का पलायन हुआ था। कैराना पर तो सभी दल जांच टीमें बना रही हैं लेकिन मुज़फ्फरनगर से गए मुसलमानों की बात क्यों नहीं की जा रही।
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