श्रीनगर: कश्मीर में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर रविवार को लगाए गए कर्फ्यू से लगातार 30वें दिन भी जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां, पुलवामा और कुपवाड़ा में कर्फ्यू जारी रहेगा जबकि श्रीनगर, बडगाम, सोपोर, बांदीपोर और बारामूला में बंद रहेगा। अलगाववादियों ने 12 अगस्त तक के लिए बंद की समयसीमा बढ़ा दी है।
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सुरक्षाबलों द्वारा हिजबुल कमांडर बुरहान वानी को मार गिराए जाने के एक दिन बाद से ही घाटी में हिंसा शुरू हो गई। हिंसा की घटनाओं में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 53 नागरिक और दो पुलिसकर्मी हैं। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित सभी शैक्षणिक संस्थान और सार्वजनिक परिवहन बाधित है। इस दौरान अस्थाई स्टाफ बैंकों, डाकघरों और सरकारी कार्यालयों का प्रबंधन कर रहा है। सभी अलगाववादी नेताओं को श्रीनगर में हिरासत में रखा गया है।
भूस्खलनों से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित
जम्मू के रामबन सेक्टर में भूस्खलनों के मद्देनजर रविवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद करना पड़ा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "रामबन जिले में लगातार बारिश से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने के बाद मार्ग को यातायात के लिए बंद करना पड़ा। बारिश बंद होने के बाद सड़क मार्ग को साफ करने का काम किया जाएगा।"
अधिकारी ने बताया, "यात्रियों को जम्मू और श्रीनगर में यातायात पुलिस नियंत्रण कक्षों से संपर्क करने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।" गौरतलब है कि 300 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग कश्मीर घाटी में आवश्यक सामानों की आपूर्ति के लिए जीवनदायिनी है।
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