नई दिल्ली: कीनन संतोष और रूबेन फर्नाडीस की हत्या के सनसनीखेज मामले के सभी 4 आरोपियों को मुंबई की विषेश अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत ने चारों दोषियों जितेंद्र राणा, सुनील बोध, सतीश दुल्हज और दीपक तिवाल को उम्रकैद की सजा सुनाई।
इन चारों आरोपियों के खिलाफ अदालत ने अक्टूबर 2012 में हत्या, साजिश और छेड़छाड़ के आरोप तय किए थे। तभी से इस मामले में फैसले का इंतजार किया जा रहा था। यह मामला मुंबई की एक विशेष अदालत में चल रहा था जिसमें उज्ज्वल निकम को पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अप्वाइंट किया गया था। इस केस की सुनवाई जनवरी 2013 में शुरू हुई थी। दो साल बाद इस केस को वुमन कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया गया।
गौरतलब है कि 20 अक्टूबर 2011 की शाम कीनन और रूबेन ने मुंबई के अंधेरी इलाके में अपनी महिला साथी से छेड़छाड़ का विरोध किया था। जिस पर बदसलूकी करने वाले चार लोगों ने कीनन और रुबेन पर जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में घायल कीनन की उसी दिन मौत हो गई थी। जबकि इलाज के दौरान दस दिन बाद रूबेन ने भी दम तोड़ दिया था।
कीनन के पिता वालेरियन संतोष का कहना है कि आरोपियों के लिए उम्रकैद की सज़ा पीड़ित परिवारों के लिए अच्छा फैसला है। उन्होनें कहा कि यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर वाला मामला नहीं है, इसलिए उन्होनें कोर्ट से आरोपियों को मौत की सजा देने के लिए नहीं कहा था।
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