नई दिल्ली: आपकी निगाह अखबार पर पड़े या फिर टीवी की स्क्रीन पर हर जगह तरह-तरह के वादे करते हुए विज्ञापन दिख ही जाते हैं। कुछ गोरी त्वचा का वादा करते हैं तो कुछ कुछ ही दिनों में स्मार्ट बना देने का। पढ़े लिखे और समझदार लोग जानते हैं कि दावे झूठे होते हैं और यह प्रोडक्ट बेचने की जुगत भर होती है। कंपनियों के इन प्रोडक्ट को लेकर जो दावे किए जाते हैं वो सही नहीं होते लेकिन कोई भी इन दावों को चुनौती देने की कोशिश नहीं करता। वो विरले ही होते हैं जो ऐसा करने की हिम्मत जुटा पाते हैं। केरल के के चाठु ऐसे ही एक शख्स है जिन्होंने साबुन की एक कंपनी को सबक सिखाने की ठानी है।
क्या था मामला:
केरल के रहने वाले के चाठु ने साबुन के उस ब्रांड और उसके ब्रांड एंबेस्डर को कोर्ट में घसीटा है जिसने कुछ ही दिनों में गोरा होने का दावा किया था, लेकिन उन्हें दावे के मुताबिक परिणाम नहीं मिले। साबुन के इस्तेमाल के बाद जब चाठु की त्वचा गोरी नहीं हुई तो उन्होंने इस कंपनी के ब्रांड एंबेस्डर ममूटी (मलयाली फिल्मों के अभिनेता) और कंपनी को कोर्ट में घसीटा है। एक निजी अंग्रेजी अखबार के मुताबिक चाठु के इस मामले को उपभोक्ता मामलों की अदालत (कंज्यूमर कोर्ट) में ले जाने के बाद अब यह तय है कि साबुन ब्रांड इंदुलेखा को 30,000 हजार रुपए का हरजाना शिकायत कर्ता को देना होगा। शिकायत कर्ता ने बताया कि वो इंदुलेखा ब्रांड के साबुन का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसका विज्ञापन ममूटी करते हैं, लेकिन उन्हें इसका जरा भी फायदा नहीं हुआ। आपको बता दें कि चाठु ने इससे पहले कंज्यूमर कोर्ट में एक्टर और साबुन निर्माता कंपनी की तरफ 50,000 का हरजाना दिए जाने की मांग की थी।
यहां देखें साबुन कंपनी का विज्ञापन-
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