तिरुवनंतपुरम: केरल में आवारा कुत्तों के दो महिलाओं पर हमले की घटना के बाद यहां के स्थानीय लोगों ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के आवारा जानवरों पर सहानुभूतिपूर्ण बयान पर नाराजगी जताई। यहां आवारों कुत्तों ने दो महिलाओं पर हमला कर दिया है जिसमें एक की मौत हो गई है।
यह घटना सचिवालय से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर शुक्रवार रात लगभग नौ बजे हुई। 65 वर्षीया शीलुअम्मा पर दर्जनभर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया।
आवारा कुत्तों के आतंक के खिलाफ सशक्त आवाज उठाने वाले कारोबारी कोचुउसेफ चिट्टीपल्ली ने मेनका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरी इच्छा है कि एक बार उन्हें भी कुत्ते काटे तब जाकर उन्हें उस खतरे का अहसास होगा जिसका सामना लोग कर रहे हैं।
चिट्टीपल्ली ने कहा, "मैं यह जानता हूं कि मेनका गांधी को कभी कुत्ता नहीं काटेगा क्योंकि वह अत्यधिक सुरक्षा घेरे में आती-जाती हैं। इस मामले की जांच होनी चाहिए कि बाजार में रेबीज रोधी टीकों की बिक्री के लिए लोगों को कितनी रिश्वत मिली। राज्य के मंत्री भी चुप्पी साधे हुए हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि अगर किसी मंत्री की पत्नी को कुत्ता काटता है केवल तभी कार्रवाई होगी।"
कुत्तों का शिकार बनी शीलुअम्मा की पुत्रवधू के मुताबिक, उनके घर में शौचालय नहीं है। इस वजह से उनकी सास समुद्र तट के पास बने शौचालय का इस्तेमाल करने गई थी।
उनकी बहू ने मीडिया को बताया, "जब तक कुत्ते जाते उनके शरीर के केवल कुछ ही भाग बचे थे और उन्होंने अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही दम तोड़ दिया।"
उनके परिवार वाले और स्थानीय लोग घटना से काफी गुस्साए है। उन्हें मृतका का शव लेने के लिए सरकारी अस्पताल के बाहर काफी इंतजार करना पड़ा। उन्होंने आवारा कुत्तों के इस आतंक के लिए राज्य प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
इस घटना के लगभग एक घंटे बाद अन्य महिला डेजी (50) पर भी कुत्तों ने हमला किया।
डेजी की बेटी पातरोसी ने कहा, "हम यह देखकर अचंभित थे कि कुत्तों ने उनके दोनों हाथ कई जगह से काट रखे थे। जब हम उन्हें अस्पताल ले गए तब उनकी हालत बहुत गंभीर थी।"
पुल्लुविला के स्थानीय लोगों ने कहा,"हम सभी अपना धैर्य खो चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि वे कानून की वजह से कुत्तों को मार नहीं सकते। क्या हम कुत्तों से भी हीन है?"
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