नई दिल्ली: हर इंसान पैदाइशी धर्म, मजहब और पंथ की तालीम लेकर इस दुनिया में नहीं आता और न ही हर इंसान एक सा होता है। चंद घटनाओं के चलते किसी एक कौम को गलत मान लेने का हमारा सामाजिक रिवाज काफी हद तक गलत है। यह जरूरी नहीं कि हर टोपी पहनने वाला गलत हो और हर तिलक लगाने वाला सही व्यक्ति। बुराई व्यक्ति के धर्म में नहीं बल्कि उसके उस माशरे में होती है जहां उसकी परवरिश होती है या उसे वहां मजबूरन बड़ा होना होता है। वो कहते हैं न कि हर मुसलमान आतंकवादी नहीं होता, यह बात शायद इस वीडियो को देखने के बाद आपके जेहन में कुठ देर को ठहरे, अगर ऐसा होता है तो आप इंसानियत के असल मतलब से वाकिफ हो पाएंगे।
क्या है इस वीडियो में- वीवर फिल्म्स के बैनर तले ह्यूमन नाम से यूट्यूब पर साझा किए गए इस वीडियो में दो इंसानों के बीच की उस बातचीत को दिखाने की कोशिश की गई है जिसे आमतौर पर लोग एक अलग एगल देने की कोशिश करते हैं। यह वीडियो अलग-अलग धर्मों के बीच की सोच को बदलने के लिए काफी है। एक बार जरूर देखें यह वीडियो।
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