know reason why febuary month is important
फरवरी ही 28 दिन क्यों कोई और माह क्यों नहीं ?
हमारा जो अभी का कैलेंडर है वह रोमन लोगों से मिलता जुलता है,हालांकि ऐसा पूरी तरह से निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता। ऐसा कहा जाता था कि रोम के पहले शासक रोमुलुस के समय एक ऐसा कैलेंडर था जो मार्च से शुरु होकर दिसंबर में खत्म हो जाता था। उसके बाद रोम के दूसरे राजा ने कैलेंडर में संशोधन कर चंद्र वर्ष के हिसाब से जनवरी और फरवरी नाम के दो माह जोड़ दिए। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि चंद्र वर्ष के हिसाब से 56 दिन अधिक होते थे।
रोम में 28 फरवरी को बुरा समझा गया और जुड़ गया एक और दिन
प्राचीन रोम काल में फरवरी को बुरा माह माना जाता था और इस बात से बचने के लिए फरवरी माह में एक और दिन जोड़ दिया गया। यह कैसे और क्यों किया गया इसके कुछ स्पष्ठ प्रमाण नहीं है। हालांकि फरवरी को बुरा मानने के अन्य कारणों में यह वहीं महिना है जब रोम में मरे हुए लोगों की आत्माओं की शांति और पवित्रता के लिए कार्य किए जाते थे।
ऐसा भी कहा जाता है कि फ्रांस के ख्यात शासक जुलियस सीजर ने एक ज्ञानी व्यक्ति को रखकर कैलेंडर को चंद्रमा के आधार पर न रखकर सूर्य के आधार पर बना दिया। इसमें हर साल 10 अतिरिक्त दिन और चौथे दिन एक और दिन जोड़ दिया । अब हर वर्ष 365 दिन और 6 घंटे का हो गया।खैर फरवरी को लेकर कहानियां कुछ भी कहती हों लेकिन इसके 28 दिन होने और तीन साल बाद 29 दिन का होना पूरी तरह से वैज्ञानिक कारणों पर आधारित है।
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