.यह बात महिलाओं को नागवार गुजरी और उन्होने अपने घर के पुरुषों को समझाने की कोशिश की, लेकिव वह लोग नहीं माने। तब गांव की सभी महिलाएं एक जगह एकत्र हुई और यह फैसला लिया कि इस गांव की सभी महिलाएं पूरी रस्म के साथ होली के इस त्योहार को मनाएगे। और इस रस्म में पुरुष भागीदार नहीं होगे। तब से आज तक इस गांव में सिर्फ महिलाएं ही होली खेलती है।
इस गांव की सबसे खास बात एक और है वो है। गांव की कोई भी महिला इस दिन घूंघट नहीं करती है। साथ ही टोली में नाचकर यहां पर स्थित हर मंदिर में जाती है। और होली में रंगों से सराबोर रहती है। साथ ही इनका घर में उनका स्वागत रंग गुलाल और मिठाईयों से किया जाता है।
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