यह बड़ा खुलासा महाभारत के शांति पर्व में किया गया है। शांति पर्व के मुताबिक जब महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ तो कुंती ने युधिष्ठिर को एक ऐसा सच बताया था जिसे सुन वो काफी क्रोधित हो गए थे। कुंती ने तब युधिष्ठिर को बताते हुए कहा था कि कर्ण तुम्हारा ही भाई था। यह सुनकर पांचों पांडव भाईयों को दुख हुआ था। यह जानने के बाद युधिष्ठिर ने कर्ण का अंतिम संस्कार भी पूरे विधि विधान के साथ किया था। माता के मुख से ये शोक समाचार सुनकर युधिष्ठिर ने संपूर्ण नारी समाज को यह श्राप दिया था कि आज के बाद भविष्य में कोई भी नारी बड़े से बड़ा राज छुपा नहीं पाएगी।
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