नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को खुला समर्थन दिए जाने पर आज पाकिस्तान की निन्दा की और बुराई से लड़ने में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने का आह्वान किया। जम्मू कश्मीर के पंपोर में लश्कर ए तैयबा के आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले के कुछ दिन बाद सुहाग ने पाकिस्तान पर यह कहते हुए हमला बोला कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी समूहों को हमारी पश्चिमी सीमाओं के पार से खुला समर्थन मिलता है।
गौरतलब है कि पंपोर में भारी हथियारों से लैस तीन विदेशी आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में विशेष बलों के दो कैप्टनों सहित तीन सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे। 48 घंटे तक चली मुठभेड़ में सीआरपीएफ के दो कर्मी भी शहीद हुए थे। हमला करने वाले आतंकवादियों को भी मार गिराया गया था।
सैन्य थिंक टैंक क्लॉज (CLWS) द्वारा आयोजित एक सेमिनार में सुहाग ने यह भी कहा कि इस्लामिक स्टेट के फैल रहे प्रभाव, खासकर सोशल मीडिया और मीडिया के अन्य मंचों के जरिए, ने वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। सुहाग ने कहा, जो चिंतित कर रहा है, वह यह है कि अब इन समूहों को हिंसा का मात्र क्षेत्रीय रूप कहकर खारिज नहीं किया जा सकता।
यह उल्लेख करते हुए कि इस तरह के जिहादी संगठन विश्व के किसी भी हिस्से में पहुंच बनाने के लिए वित्त, वाणिज्य की आपस में जुड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रणालियों का फायदा उठाते हैं, सुहाग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खुफिया सूचनाओं को साझा कर और एक-दूसरे से प्रशिक्षण तकनीक अपनाकर इस बुराई से लड़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि 9/11, 26/11 तथा हाल में हुए पेरिस हमलों ने आतंकवाद से संबंधित खतरे के संबंध में विश्व नेताओं के बीच अवधारणा को बदल दिया है। सेना प्रमुख ने कहा, हमें न सिर्फ तरीकों, बल्कि उन कारकों का भी समाधान करने की आवश्यकता है जो आतंकवाद फैलाने में योगदान करते हैं। आयोजन में मौजूद भाजपा नेता एवं प्रवक्ता एमजे अकबर ने पाकिस्तान को जिहाद का अभयारण्य करार दिया।
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