नई दिल्ली: मुन्ना भाई के फैंस के लिए एक बड़ी खुशखबरी हैं। 1993 मुंबई ब्लास्ट के मामले में सजा काट रहे संजय तय समय से 6 महीने पहले ही जेल से रिहा हो जाएंगे। जेल के नियमों के अनुसार किसी भी कैदी को 114 दिनों की सजा माफ हो सकती है बशर्ते उसका बर्ताव सही हो। संजय को अपने अच्छे व्यवहार के चलते ही जेल से जल्दी रिहाई मिल रही है और रिपोर्ट के मुताबिक संजय दत्त 105 दिनों की राहत पाकर 25 फरवरी को जेल से रिहा हो जाएंगे। लेकिन क्या आप उस जेल के बारे में जानते हैं जहां संजय दत्त को रखा गया है।
क्या किया था मुन्ना ने:
साल 1993 में आतंकवादियों की सहायता करने, नौ मिमी पिस्टल को अवैध तरीके से अपने घर पर रखने और AK-56 रायफल रखने के आरोप में मुन्ना भाई को गिरफ्तार किया गया था। संजय दत्त को टाडा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। हालांकि 18 माह जेल की सजा काटने के बाद उन्हें अप्रैल 1995 में जमानत मिल गई। जुलाई 2007 में उन्हें छः साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 21 मार्च 2013 के अपने एक निर्णय में उन्हें 1993 के मुम्बई बम विस्फोट मामले में पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। संजय दत्त को महाराष्ट्र की सबसे बड़ी जेल में रखा गया था। आइए जानते हैं कैसी है यरवदा जेल में कैदियों की लाइफ।
लगभग 3000 कैदी हैं इस जेल में-
महाराष्ट्र की इस जेल में लगभग 3000 कैदी बंद हैं। आजादी के समय इस जैल में महात्मा गांधी, वीर सावरकर, बाल गंगाधर तिलक और जवाहर लाल नेहरू तक भी इस जेल में बंद हो चुके हैं। जब देश में इमरजेंसी लगाई गई थी उस समय यहां पर अटल बिहारी वाजपेयी को भी बंद किया गया था। महाराष्ट्र की इसी जेल में आतंकवादी कसाब को भी फांसी हुई थी।
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