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मैगी का उत्पादन हुआ शुरू, अगले महीने दिख सकती है बाजार में

नई दिल्ली: स्विट्जरलैंड की कंपनी नेस्ले ने भारत में अपने तीन संयंत्रों में मैगी नूडल्स का उत्पादन शुरू कर दिया है और खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं से मंजूरी मिलने के बाद इसे बाजार में फिर से

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मैगी का उत्पादन शुरू, अगले महीने दिख सकती है बाजार में

नई दिल्ली: स्विट्जरलैंड की कंपनी नेस्ले ने भारत में अपने तीन संयंत्रों में मैगी नूडल्स का उत्पादन शुरू कर दिया है और खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं से मंजूरी मिलने के बाद इसे बाजार में फिर से पेश करेगी। नेस्ले बंबई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार ताजा उत्पादन में से नमूने परीक्षण के लिए मान्यता प्राप्त तीन प्रयोगशालाओं को भेजेगी। उल्लेखनीय है कि कुछ प्रयोगशालाओं में परीक्षण के दौरान मैगी में सीसा और एमएसजी (मोनोसोडियम ग्लुटामेट) निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने के बाद कंपनी को मैगी बाजार से हटाना और उत्पादन रोकना पड़ा था।

नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, हमने अपने तीन संयंत्रों नानजनगुड (कर्नाटक), मोगा (पंजाब) तथा बिचोलिम (गोवा) में उत्पादन शुरू किया है। उसने कहा, बंबई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप हम ताजा माल के कुछ नमूने जांच के लिए उच्च न्यायालय द्वारा नामित तीन मान्यताप्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजेंगे। ताजा नमूनों को मंजूरी मिलने के बाद ही कंपनी उसे बाजार में बेचना शुरू करेगी।

क्या था मैगी विवाद-

दरअसल मैगी दावा करती है कि उसके नूडल्स में लैड यानी शीशे की मात्रा 2.5 पीपीएम तक ही होती है जबकि जांच में इसे 17 के स्तर तक पाया गया। मैगी के बुरे दिन तब शुरू हुए जब बाराबंकी जिले के फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर वी के पांडे ने बाजार से मैगी का एक पैकेट खरीदा। उन्होंने इसकी जांच की और इसमें लेड खतरनाक स्तर पर पाया गया। इसके बाद होली के दौरान भी इसकी एक बार जांच की गई। इन जांच के नमूनों को गोरखपुर और फिर कोलकाता भेजा गया।

जांच रिपोर्ट में बताया गया कि मैगी के सैंपल में लेड और ग्लूटामेट खतरनाक स्तर पर हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद बाराबंकी जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन से इस मामले में केस चलाने की स्वीकृति मांगी जिसे मंजूरी दे दी गई। इसके बाद मैगी के ब्रैंड एंबेसडर रह चुके अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रिटी जिंटा पर देश के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं, नेस्ले ने अपनी सफाई में कहा कि नूडल्स में केवल प्राकृतिक रूप से उत्पन्न ग्लूटामेट ही है। उसमें किसी भी तरह का कोई MSG इस्तेमाल नहीं किया गया है, जो कि अनुमति स्तर का एक प्रतिशत है।

केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर मैगी की गुणवत्ता खराब पाई गई तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा था कि जरूरत पड़ने पर इसका प्रचार करने वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है। यानी अगर मैगी के विज्ञापनों में कुछ धांधली पाई गई तो इसका प्रचार करने वालों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।

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