मुंबई: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 300 के पार पहुंच गई है। मंगलवार की शाम तक राज्य में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले 302 हो गए। इससे पहले सोमवार की शाम तक राज्य में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 220 थी लेकिन करीब 24 घंटे बाद मंगलवार की शाम तक 82 नए मामलों के साथ यह संख्या 302 तक पहुंच गई। बता दे कि राज्य में अभी तक कोरोना के कारण 10 मौतें हुई हैं। मुंबई में आठ, पुणे और बुलढाणा में एक-एक मौत हुई है।
वहीं, अगर सिर्फ मुंबई की ही बात करें तो यहां कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 151 हो गई है। इसके अलावा पुणे में 48, सांगली में 25, मुंबई के अलावा कोंकण डिवीजन के बाकी शहरी महानगर पालिकाओं में 36, नागपुर में 16, अहमदनगर में 8, यवतमाल में 4, बुलढाना में 3, सातारा कोल्हापुर में 2, औरंगाबाद, गोंदिया, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, जलगांव और नाशिक में 1-1 मामला सामने आया है।
ऐसे में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने निर्णय लिया है कि जरूरत पड़ने पर खाली इमारतें, मैरिज हॉल, खाली होटेल्स, लॉन्ज्स, खाली हॉस्टल्स, कॉलेज्स, धर्मशालाएं, जिम्स, क्लब्स और एक्सिबिशन सेंटर्स का पजेशन लेकर कोरंटाइन के लिए उनका इस्तेमाल किया जाएगा। इन बिल्डिंग्स को इस्तेमाल करने बीएमसी इनके मालिकों को किराया भी देगी। इसके अलावा कोरंटाइन में रखे जाने वाले लोगों के खाने-पीने और बेसिक सुविधाओं की व्यवस्था भी बीएमसी ही करेगी।
वहीं, पूरे देश की बात करें तो स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के संक्रमण के 227 नये मामलों की पुष्टि होने और तीन मरीजों की मौत होने की जानकारी देते हुये मंगलवार को बताया कि संक्रमण को रोकने के लिये लागू किये गये देशव्यापी लॉकडाउन का पालन ठीक से नहीं होने के कारण मामले बढ़ रहे हैं। इनके साथ ही संक्रमण के खतरे वाले इलाके (हॉटस्पॉट) भी बढ़ रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के कुल 1251 मामले हो गये हैं जबकि इनकी मौत का आंकड़ा 32 तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल, गुजरात और मध्य प्रदेश में एक एक संक्रमित मरीज की मौत हुयी है।
उन्होंने संक्रमण के मामलों में इजाफा नहीं रुकने के पीछे संक्रमण के नये मामलों से संबद्ध इलाकों में लॉकडाउन के पालन में जनता के सहयोग में कमी और संक्रमण की समय से पहचान में देरी होने को प्रमुख वजह बताया है।
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