नई दिल्ली: सरकार ने आज बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात कार्यक्रम में अंगदान के महत्व पर चर्चा किए जाने के बाद राष्ट्रीय अंग एवं उतक प्रतिरोपण संगठन (नोटो) को मिलने वाले फोन काल की संख्या में खासी वृद्धि हुयी है।
स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने अक्तूबर एवं नवंबर 2015 में मन की बात कार्यक्रम में अंगदान के महत्व पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद नोटों को देश भर से फोन काल मिल रहे हैं और काल की औसत संख्या 22 से बढ़कर 61 हो गयी है। उन्होंने कहा कि नोटो की वेबसाइट देखने वाले लोगों की संख्या में भी वृद्धि होने का जिक्र किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार अंगों की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को कम करने तथा अंतिम चरण में अंग काम नहीं करने से पीडि़त लोगों के जीवन को बचाने के लिए मृत लोगों के अंगों के दान को बढ़ावा देने को उच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि देश में 1681 लोगों पर एक डाक्टर उपलब्ध है और अगर आयुर्वेद, यूनानी तथा होम्योपैथी को भी जोड़ लिया जाए तो 893 लोगों पर एक डाक्टर है।
नड्डा ने कहा कि एमसीआई से मिली सूचना के अनुसार 30 जून 2015 तक राज्य मेडिकल परिषद: भारतीय मेडिकल परिषद में 9,59,198 डाक्टर पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि डाक्टरों में 80 प्रतिशत की उपलब्धता मानते हुए यह अनुमान लगाया जाता है कि लगभग 7.67 लाख डाक्टर वास्तव में सेवा के लिए उपलब्ध हैं।
इससे डाक्टर और आबादी का अनुपात एक अनुपात 1681 है। उन्होंने बताया कि देश में 6.77 लाख आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी डाक्टर मौजूद हैं। नड्डा ने कहा कि देश में डाक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार गंभीर है और इस संबंध में कई कदम उठाए गए हैं।
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