नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्केंडेय काटजू ने कई बार एसे विवादित बयान दिये हैं जिससे उन्हें मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने गोमांस पर बयान देकर एकबार फिर विवादों को न्योता दिया है। काटजू ने गो हत्या पर लगे प्रतिबंध का विरोध करते हुए कहा कि "मैं गोमांस खा चुका हूं, अगर दोबारा मौका मिलेगा तो जरूर खाऊंगा।"
काटजू ने कहा कि, "गोमांस पर बैन को राजनीतिक बताया है।"
"यह मेरा निजी फैसला है कि मैं क्या खाता हूं। जिस तरह मैं दूसरों को गो मांस खाने के लिए जिद नहीं कर सकता, उसी तरह कोई मुझे इस खाने से रोकने को नहीं कह सकता," काटजू ने कहा।
उन्होंने अपने ब्लॉग पर इसके समर्थन में पांच तर्क भी दिए हैं। क्या लिखा काटजू ने पढ़ें-
1. दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में लोग गौ मांस खाते हैं तो क्या ये पापी हो गए।
2. गोमांस सस्ते प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। उत्तर-पूर्वी राज्यों में गोमांस की बिक्री पर बैन नहीं है। नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और केरल में गोमांस की बिक्री होती है।
3. मैंने गोमांस खाया है, लेकिन अपने परिवार के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इसे खाना बंद कर दिया। मौका मिलने पर जरूर खाऊंगा।
4. इस तरह के फैसले दुनिया को हम पर हंसने का मौका मिलता है, क्योंकि इससे हमारी सामंती सोच सामने आती है।
5. गो हत्या के खिलाफ मुहिम चलाने वासों को उन गायों की भी फिक्र करनी चाहिए, जिन्हें ठीक से खाना नहीं मिलता है। मैंने कई बार गायों को कचरा खाते देखा है। मैंने इतनी दुर्दशा देखी है कि उनकी पसलियां तक नजर आती है। क्य़ा ये गो हत्या नहीं।
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