नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद निरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए कर्नल संतोष महादिक का सतारा में पूरे सैन्य-सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर भी उनके अंतिम संस्कार में पहुंचे। यही नहीं तीनों सेनाओं की ओर से कर्नल संतोष महादिक को श्रद्धांजलि दी गई।
कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास एक तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों से मुठभेड़ में थलसेना के पारा कमांडो फोर्स के कर्नल संतोष महादिक आतंकवादियों की गोलियों के शिकार हो गए थे। कर्नल संतोष महादिक को सिर में गोली लगी थी। 39 साल के कर्नल संतोष महादिक की अगुवाई में सेना कश्मीर के एक घने जंगल में जब अभियान चला रही थी उस वक्त आतंकवादियों ने पूरे दल पर फायरिंग शुरू कर दी।
महाराष्ट्र के रहने वाले संतोष 1998 में थलसेना में शामिल किए गए थे। कर्नल संतोष के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। मूलत: स्पेशल फोर्सेज से संबंध रखने वाले अधिकारी को आतंकवाद निरोधक अभियानों में साहस, वीरता एवं नेतृत्व के प्रदर्शन के लिए सेना मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कर्नल संतोष महादिक को श्रद्धांजलि अर्पित की। फडणवीस ने कहा कि राज्य और पूरा देश कर्नल महादिक के परिवार के साथ रहेगा और उनके परिवार के कल्याण की पूरी जिम्मेदारी लेगा।
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