1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. मथुरा हिंसा पर चौंकाने वाला खुलासा, रिकॉर्ड से गायब हैं जवाहर बाग के कागज़ात

मथुरा हिंसा पर चौंकाने वाला खुलासा, रिकॉर्ड से गायब हैं जवाहर बाग के कागज़ात

मथुरा: मथुरा में जिस भूमि से कब्ज़ा हटाने को लेकर खूनी संघर्ष हुआ और 2 पुलिस अधिकारियों को अपनी शहादत देनी पड़ी उस जवाहर बाग़ को लेकर याचिकाकर्ता ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।

jawahar bagh- India TV Hindi
jawahar bagh

मथुरा: मथुरा में जिस भूमि से कब्ज़ा हटाने को लेकर खूनी संघर्ष हुआ और 2 पुलिस अधिकारियों को अपनी शहादत देनी पड़ी उस जवाहर बाग़ को लेकर याचिकाकर्ता ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। याचिका कर्ता के अनुसार उस जवाहर बाग़ के कागजों का रिकॉर्ड मथुरा तहसील से लेकर लखनऊ तक सबमें गायब है। कहीं भी उसके सरकारी जमीन होने का रिकॉर्ड नहीं है।

जिस जवाहर बाग़ को लेकर मथुरा में 2 जून को खूनी संघर्ष हुआ और 2 पुलिस अधिकारीयों ने शहादत दी और 23 उपद्रवियों की मौत हुई उस जवाहर बाग़ को लेकर इसे खाली कराने की याचिका दाखिल करने वाले एडवोकेट विजय पाल तोमर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। विजय पाल तोमर के अनुसार इस जवाहर बाग़ के सरकारी भूमि होने के रिकॉर्ड मथुरा सदर तहसील से लेकर लखनऊ तक गायब है।

तोमर ने कहा, ‘इसको लेकर कब्ज़ाधारी मेरे पास आते थे और कहते थे की पीआईएल वापस ले लीजिये। इसके अलावा जो सबसे खास बात कहते थे वो यह थी कि इसका कोई भी रिकॉर्ड नहीं है। अगर कही रिकॉर्ड मिल जाए जिसमें सरकार का नाम दर्ज हो तो हम तुरंत खाली कर देंगे।’ इसके पीछे तोमर ने वजह बताते हुए कहा कि प्रशासन की मंशा इसे खाली कराने की नहीं थी क्योंकि उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर के बीचों बीच में 200 एकड़ या उससे अधिक भूमि नहीं है। यह जमीन केवल मथुरा में थी। इसके अलावा उन्होंने इस जमीन का 99 साल का पट्टा कब्ज़ा धारियों को शासन द्वारा करने भी आरोप लगाया।

वहीं, इस मामले में मथुरा के जिला अधिकारी का कहना है कि कोई अभिलेख 32 साल पहले गायब हुआ था लेकिन प्रशासन के पास इस भूमि के पर्याप्त आंकड़े है जो यह बताते है कि जवाहर बाग सरकारी भूमि है। वह 99 साल का पट्टा किये जाने की मंशा से भी साफ़ इनकार कर रहे है। जवाहर बाग का रिकॉर्ड गायब होने की बात में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा।

Latest India News