मथुरा: मथुरा हिंसा के मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है साथ ही उन लोगों की शिनाख्त की जा रही है, जो इस हिंसा में मारे गए हैं। पुलिस ने अब तक 368 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जवाहर बाग में मिले शवों में एक रामवृक्ष का भी हो सकता है। पुलिस के सूत्रों से ये खबर आ रही है कि मारे गए लोगों में रामवृक्ष भी था। हालांकि पुलिस इस पर कुछ भी पक्के तौर पर कहने से पहले डीएनए जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
आखिर कहां गया मथुरा का मुजरिम?
रामवृक्ष यादव पर आरोप है कि उसने सत्याग्रह के नाम पर बुज़ुर्गों, बच्चों और महिलाओं को जवाहर बाग के भीतर कैद कर रखा था। इसके पीछे रामबृक्ष की मंशा ये थी कि जब पुलिस-प्रशासन कोई कार्रवाई करे तो वो इन्हें ढाल बना सके और जवाहर बाग में हिंसा के दौरान ऐसा हुआ भी। पुलिस टीम ने जैसे ही जवाहर बाग के भीतर घुसने की कोशिश की महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों को आगे कर दिया गया ताकि पुलिस सख्ती ना कर सके। पुलिस अब इन पर देशद्रोह का केस चलाने की तैयारी कर रही है।
यह भी पढ़ें-
मथुरा हिंसा में 24 लोगों की मौत हुई है। पुलिस के दो अफसर शहीद हुए हैं जबकि 22 उपद्रवी मारे गए हैं। मामले में अब तक 368 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनपर बलवा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मर्डर का आरोप है। 3000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 11 नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
हेमा मालिनी ने की CBI सीबीआई जांच की मांग
घटना के बाद बीती रात बीजेपी सांसद हेमा मालिनी भी मथुरा पहुंचीं। वारदात पर अफसोस जताते हुए उन्होंने राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाया। इस पूरी घटना के पीछे उन्होंने यूपी सरकार की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया साथ ही पूरे मामले की सीबीआई जांच से कराने की मांग भी की।
अखिलेश यादव ने मानी बड़ी चूक
वहीं मथुरा में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़ी चूक की बात मानी है। अखिलेश यादव ने माना कि उपद्रवियों के पास इतने हथियार होंगे इसका अंदाजा पुलिस को भी नहीं था। विपक्ष ने यूपी सरकार पर सीधा हमला बोल दिया है। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने तो प्रेस रिलीज जारी कर अखिलेश यादव से इस्तीफा मांगा है।
Latest India News