श्रीनगर: कश्मीर घाटी में अशांति के बीच जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि हिंसा से किसी मुद्दे का समाधान नहीं हो सकता और वार्ता ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि लोगों के विचार में एक मुद्दा है और इसका समाधान करने की जरूरत है। महबूबा ने कहा, मुफ्ती (मोहम्मद सईद) कहते थे कि गोलियों और ग्रेनेड से मुद्दों का समाधान नहीं होगा। बंदूक से कुछ नहीं बदलता। वार्ता के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
कश्मीर में जारी अशांति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ी के लिए हर किसी को दर्द समझना चाहिए। उन्होंने कहा, जिन लोगों की दूसरी विचारधारा है उन्हें युवा पीढ़ी के दर्द को भी समझना चाहिए। आप इससे (हिंसा से) क्या पाना चाहते हैं? कौन सी आजादी, कौन सा पाकिस्तान या कौन सा भारत। महबूबा ने कहा कि सुरक्षा बल स्थिति पर नियंत्रण पाने में सक्षम रहे हैं लेकिन लोगों के दिमाग में एक मुद्दा है जिसका समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा, हमने सुरक्षा बल लगाए और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। लेकिन एक मुद्दा लोगों के दिमाग में रह गया है। इसका समाधान किया जाना है।
मुख्यमंत्री ने हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी के आठ जुलाई को मारे जाने के बाद संघर्ष के दौरान सार्वजनिक संपति को हुए नुकसान के बारे में भी कहा कि इससे विकास को झटका लगा है। उन्होंने कहा, थाने, अदालत या अन्य भवनों पर हमले क्यों हुए? हमें बाद में उन्हें फिर से बनाना होगा।
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