लिमखेड़ा (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों के बीच शनिवार को यहां अपना 66 वां जन्मदिन मनाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कतार में सबसे आखिर में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के सूखा प्रभावित क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
दो महीने के भीतर तीसरी बार गुजरात यात्रा पर पहुंचे पीएम मोदी ने देश के स्वतंत्रता संघर्ष में आदिवासियों के योगदान को याद किया और पेयजल तथा सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी देने का वादा किया। गुजरात में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
पीएम मोदी ने गुजरात सरकार की 4817 करोड़ की सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके जरिए दाहोद जिले के सूखा क्षेत्र के लिए पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा, पानी की कमी के कारण मेरे आदिवासी भाइयों को पलायन करना पड़ता था और पूर्व में भीषण गर्मी में निर्माण श्रमिक के तौर पर काम करना पड़ता था।
उस वक्त गुजरात सरकार ने (2014 से पहले उनके नेतृत्व में) पानी को प्राथमिकता दी और पानी से संबंधित परियोजनाओं के लिए सर्वाधिक बजट आवंटित किया। 2014 में प्रधानमंत्री बनने से पहले मोदी ने 13 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया।
मोदी ने कहा, आज हम हजारों करोड़ रपये की लागत से पेयजल और सिंचाई के लिए जल प्रदान करने के लिए कई परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं। हमने कतार के आखिरी व्यक्ति को सशक्त बनाने का यह काम लिया ताकि वह दूसरों का जीवन बेहतर बना सकें।
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