नई दिल्ली: प्रेमी के लिए बेटे की हत्या करने वाली मां साधना माहेश्वरी को आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया गया है। साथ ही उसके प्रेमी को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
शासकीय अधिवक्ता राजेश गोठवाल ने बताया कि मृतक राजेश उर्फ लखिया (30) पिता विश्वास पाटील ने 13 मार्च 2013 को गांव गंधावल में अपनी मां लताबाई व उसके प्रेमी संजय पिता इत्वार गिरी को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। जिस वजह से मां ने अपने बेटे की हत्या कर दी।
लताबाई गांव गंधावल के शासकीय अस्पताल में आया की नौकरी करती थी। उसका पति सेंधवा में रहता था और बेटा राजेश गंधावल में मां से अलग पत्नी के साथ रहता था।
आसपास रहने वालों के अनुसार आरोपी संजय गिरी जो कि निवाली तहसील के ग्राम बुधगांव का रहना वाला है, का लताबाई के घर आना-जाना था। संजय बाबागिरी का काम करता था और लोग उसे बुधगांव वाले बाबा के नाम से जानते थे।
घटना वाले दिन राजेश अचानक मां के घर पहुंचा। मां व उसके प्रेमी को आपत्तिजनक स्थिति में देख उसका मां के साथ विवाद हुआ। इस दौरान आरोपी संजय गिरी घर में ही था। राजेश जब बाहर आया तो वह चाकू से घायल था और उसके हाथ से खून बह रहा था। उसने लोगों को बताया कि उस पर चाकू से हमला हुआ है। इसके बाद लताबाई उसे समझा कर घर में ले गई।
कुछ देर बार लताबाई चिल्लाते हुए घर से बाहर आई कि राजेश ने खुद को आग लगा ली। लोग जब घर में पहुंचे तो तेज आवाज में टीवी चल रहा था और राजेश मर चुका था। वहीं संजय गिरी घर के पीछे के रास्ते भाग चुका था।
मामले की विवेचना तत्कालीन पाटी थाना प्रभारी अमित भाबोर ने की। विवेचना में सामने आया कि लताबाई और संजयगिरी ने मिलकर राजेश की हत्या की है। फैसले के बाद लताबाई को महिला जेल खरगोन भेजा गया, वहीं संजय गिरी को स्थानीय केंद्रीय जेल भेजा गया।
Latest India News