तिरुपति: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का कहना है कि 1990 के दशक में जब ज्योति बसु तथा तीसरे मोर्चे के अन्य नेता चाहते थे कि वह प्रधानमंत्री बनें, तब उनके बेटे नारा लोकेश ने उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी। लोकेश का कहना था कि यह अस्थाई पद साबित होगा। नायडू ने बेटे की इस सलाह के बारे में यहां चल रहे तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के तीन दिवसीय 'महानाडू' (सम्मेलन) के दौरान शनिवार रात संवाददाताओं से बातचीत के दौरान बताया।
नायडू ने कहा, "हमने संयुक्त मोर्चा को साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कई नेता चाहते थे कि मैं प्रधानमंत्री बनूं। पर मेरी ऐसी इच्छा नहीं थी। लेकिन जब ज्योति बसु तथा अन्य ने एक बार फिर इस बारे में कहा तो मेरे बेटे ने, जो उस वक्त नौवीं या 10वीं का छात्र था, मुझे प्रधानमंत्री बनने को लेकर चेताया। लोकेश ने मुझसे कहा कि यह अस्थाई होगा।"
उन्होंने वर्ष 1996 के लोकसभा चुनाव को याद किया, जिसमें संयुक्त मोर्चे को साथ लाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस वक्त जनादेश किसी भी पार्टी के पक्ष में नहीं आया था। वर्ष 1983 में जन्मे लोकेश अब वयस्क हो चुके हैं और तेदेपा की केंद्रीय समिति के महासचिव नियुक्त किए गए हैं। वह पार्टी में नई पीढ़ी के नेता के रूप में देखे जा रहे हैं।
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