नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय विचार कुंभ का आज आखिरी दिन है। अंतर्राष्ट्रीय विचार कुंभ में हिस्सा लेने उज्जैन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि, 'हम सभी लोग आत्मा के अमरत्व से जुड़े हैं। कुंभ मेला पुरातन परंपराओं में से एक है और विशाल भारत को अपने आप में समेटने का प्रयास कुंभ से ही शुरू हुआ है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने उज्जैन में सिंहस्थ घोषणापत्र भी जारी किया। इस मौके पर 5 अन्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए, वहीं भारत के चार अलग-अलग राज्य के मुख्यमंत्री भी बतौर अतिथि विशेष रूप से मौजूद थे।
विचार कुंभ में पीएम मोदी ने कहा कि, 'यहां एक नए प्रयास का जन्म हो रहा है, कई सालों पहले जो हुआ है उसके आधुनिक संस्करण का जन्म हो रहा है। हम एक ऐसी परंपरा का हिस्सा हैं जहां भिक्षुक कहता है कि जो मुझे दान दे उसका भी भला हो और जो न दे उसका भी कल्याण हो।'
प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ के मंच से कहा कि, 'कर्म की प्रधानता को समझिए, उसको महत्व दीजिए। हठवादिता से जुड़े भारत देशवासी नहीं, बल्कि दर्शन को समझकर जीवन जीने की कोशिश करते हैं।'
प्रधानमंत्री के मध्य प्रदेश प्रवास के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। समापन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित होंगे।
बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका के प्रतिनिधि भी साथ होंगे
विचार महाकुंभ के अंतिम दिन सम्यक जीवन पर वैचारिक सत्र होगा। इस पूर्ण सत्र में श्रीलंका में नेता प्रतिपक्ष सम्पंथान, भूटान के मंत्री डी एनन थुंगवेल, नेपाल के पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री खिलराज रेग्मी, बांग्लादेश के सांसद साधनचंद्र मजूमदार और मलेशिया दातो एसके देवगनी अपने विचार और सुझाव रखेंगे।
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