प्रधानमंत्री मोदी: 1950 में जन्म, 1972 में संघ प्रवेश, 2001 में मुख्यमंत्री और 2019 में दूसरी बार प्रधानमंत्री.. ये रहा पूरा सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 70 वर्ष के हो चुके हैं, 17 सितंबर 1950 को उनका जन्म गुजरात के मेहसाणा जिले में बडनगर नाम की जगह में हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी के 70 वर्ष के जीवन पर नजर तो गरीबी की वजह से बचपन चुनौतियों भरा रहा है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 70 वर्ष के हो चुके हैं, 17 सितंबर 1950 को उनका जन्म गुजरात के मेहसाणा जिले में बडनगर नाम की जगह में हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी के 70 वर्ष के जीवन पर नजर तो गरीबी की वजह से बचपन चुनौतियों भरा रहा है, लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर भारतीय राजनीति में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। मौजूदा समय में प्रधानमंत्री मोदी देश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। जन्म से लेकर अबतक प्रधानमंत्री मोदी के जीवन में जो मुख्य पड़ाव आए वे इस तरह से हैं।
1950 में जन्म
17 सितंबर 1950 को नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। उनकी माता का नाम हीराबा है और पिता का नाम दामोदरदास मोदी।
रेलवे स्टेशन पर बेचते थे चाय
नरेंद्र मोदी के पिता दामोदर दास मोदी मेहसाणा रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, नरेंद्र मोदी भी अपने पिता के काम में हाथ बंटाने के लिए रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे।
Image Source : narendramodi.inPM Narendra Modi complete political journey on his birthday
1972 में संघ प्रवेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेबसाइट नरेंद्रमोदी डॉट इन के मुताबिक 3 जून 1972 को उन्होनें संघ की दीक्षा ली थी और अपना पूरा जीवन संघ की सेवा में समर्पित करने का फैसला किया था।
1975 में आपातकाल के खिलाफ अभियान में भाग लिया
प्रधानमंत्री मोदी की वेबसाइट के मुताबिक 1975 के दौरान देश में जब आपातकाल लागू हुआ था तो उन्होने इस फैसले के खिलाफ संघर्ष किया था। फिर लोकतंत्र की बहाली के लिए गुजरात में चल रहे गुजरात लोक संघर्ष समिति के कार्य से जुड़े।
1978 में संघ के विभाग प्रचारक और 1980 में संभाग प्रचारक
नरेंद्र मोदी ने 1972 में संघ ज्वाइन कर लिया था और संघ के सक्रिय कार्यकर्ता होने की वजह से संगठन के अंदर उन्हें जिम्मेदारी दी गई। 1978 में नरेंद्र मोदी को संघ का विभाग प्रचारक बनाया गया था और उन्हें गुजरात के वडोदरा तथा मध्य गुजरात में संघ का काम देखने के लिए कहा गया था। इसके बाद 1980 में उनका संघ में और प्रोमोशन हुआ और उन्हें संभाग प्रचारक बना दिया गया। उस समय दक्षिण गुजरात तथा सूरत का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
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1987 में BJP प्रवेश
नरेंद्र मोदी वर्ष 1987 में भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य बने और उस समय उन्हें भाजपा की गुजरात इकाई का संगठन सचिव नियुक्त किया गया था। उसी साल उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने अहमदाबाद नगर निगम का चुनाव जीता।
1990 में आडवाणी की रथ यात्रा की जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी 1990 में सोमनाथ से अयोध्या के लिए रथयात्रा लेकर निकले थे और कहा जाता है कि आडवाणी जी की रथयात्रा का पूरा जिम्मा नरेंद्र मोदी के कंधों पर था। उसी रथ यात्रा के बाद भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में एक तरह से स्थापित राष्ट्रीय राजनीतिक दल बना था।
1995 में दिल्ली कूच
वर्ष 1995 में नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति में उतरे, भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया और साथ में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ जैसे राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों का प्रभार भी सौंपा।
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1998 में भाजपा महासचिव
नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति में एक तरह से 1998 में स्थापित हुए जब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें महासचिव नियुक्त किया जो पार्टी के सबसे अहम पदों में एक होता है। 1999 में केंद्र में अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी।
2001 में मुख्यमंत्री
पार्टी में नरेंद्र मोदी के कुशल प्रबंधन को देखते हुए उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी और उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उन्हें वापस गुजरात भेजा और केशूभाई पटेल की जगह गुजरात का मुख्यमंत्री नियुक्त किया।
2002 में गुजरात में BJP को रिकॉर्ड जीत
नरेंद्र मोदी के हाथ गुजरात की कमान आने के बाद वहां पर पार्टी एक बार भी विधानसभा चुनाव में नहीं हारी है। 2002 में उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव लड़ा था और रिकॉर्ड सीटें जीती थीं। 2002 में नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से गुजरात के मुख्यमंत्री की शपथ ली थी और जून 2007 में वे गुजरात में सबसे लंबा शासन करने वाले मुख्यमंत्री बन गए थे।
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2007 में तीसरी बार मुख्यमंत्री
भारतीय जनता पार्टी ने 2007 में एक बार फिर से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ा और उस समय भी पार्टी को जीत मिली तथा नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने।
2012 में चौथी बार मुख्यमंत्री
साल 2012 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया और उन्ही के नेतृत्व में एक बार फिर से भाजपा जीती तथा नरेंद्र मोदी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बने। तबतक नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्तर के नेता बन चुके थे और भारतीय जनता पार्टी के अंदर उन्हें राष्ट्री स्तर पर लॉन्च किए जाने की मांग उठ रही थी।
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2013 में BJP के प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित
भारतीय जनता पार्टी ने कार्यकर्ताओं की मांग को देखते हुए वर्ष 2013 में नरेंद्र मोदी को 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। यह घोषणा 13 नवंबर 2013 को हुई थी।
2014 में प्रधानमंत्री
भारतीय जनता पार्टी ने क्योंकि नरेंद्र मोदी को 2013 में ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था, ऐसे में पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव उन्हीं के चेहरे पर लड़ा और पार्टी रिकॉर्ड जीत हासिल करने में कामयाब हुई। 2014 में अकेले भाजपा 272 सीटें जीती थी और नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे।
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2019 में दूसरी बार प्रधानमंत्री
2019 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल की उपलब्धियों पर लड़ा गया था और चुनाव में भारतीय जनता पार्टी रिकॉर्डतोड़ वोट प्राप्त करने में कामयाब हुई तथा 303 सीटों पर जीत प्राप्त की। 23 मई 2019 को लोकसभा चुनाव परिणाम घोषित हुआ था और 30 मई को नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी।
प्रधानमंत्री मोदी का दूसरा कार्यकाल कई उपलब्धियों भरा रहा है, पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर दिया गया था और उसके बाद राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद इस साल 5 अगस्त को राम मंदिर बनाए जाने के लिए भूमि पूजन हो गया। ये 2 मुद्दे ऐसे हैं जिनपर भारतीय जनता पार्टी हमेशा से चुनाव लड़ती आई है लेकिन अगले चुनावों के लिए पार्टी के लिए अब यह मुद्दे समाप्त हो गए हैं।