मन की बात: 16 जनवरी को लॉन्च होगा ‘स्टार्टअप इंडिया’ का एक्शन प्लान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम में एक बार फिर अपने विचार आम जनता के साथ साझा किए।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम में एक बार फिर अपने विचार आम जनता के साथ साझा किए। PM मोदी ने कहा कि, हम लोगों ने क्रिसमस का पर्व मनाया, अब नए वर्ष के स्वागत की तैयारियां चल रही हैं| भारत एक ऐसा देश है, जहां पर ‘त्योहार ड्रिवेन इकॉनॉमी’ है। समाज के ग़रीब तबक़े के लोगों की आर्थिक गतिविधि का वो कारण बनता है। सभी देशवासियों को क्रिसमस की भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं और 2016 के नववर्ष की भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। वर्ष 2016 ढेरों खुशियां लेकर आए। दुनिया, आतंकवाद, ग्लोबल वार्मिंग, प्राकृतिक आपदायें, मानव सृजित संकटों से मुक्त हो।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी ऐप का जिक्र करते हुए कहा कि, एक सामान्य नागरिक भी अपने मोबाइल फ़ोन पर ‘नरेंद्र मोदी ऐप’ को डाउनलोड करके मुझसे जुड़ सकता है।
लॉन्च होगा ‘स्टार्टअप इंडिया’ का एक्शन प्लान
PM मोदी ने कहा कि, 15 अगस्त को लाल किले से मैंने ‘स्टार्टअप इंडिया–स्टैंडअप इंडिया’ उसके संबंध में एक प्राथमिक चर्चा की थी। 16 जनवरी को भारत सरकार ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘स्टैंड अप इंडिया’ का एक्शन प्लान लॉन्च करने वाली है। इस कार्यक्रम में IIT, IIM, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, NIT को लाइव कनेक्टिविटी के द्वारा जोड़ा जाएगा। हिन्दुस्तान के नौजवानों के पास प्रतिभा है। स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया हिन्दुस्तान के हर कोने में फैलना चाहिए।
12-16 जनवरी को होगा नेशनल यूथ फेस्टिवल
नरेंद्र मोदी ने कहा कि, 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जी की जन्म-जयंती है,मेरे जैसे इस देश के कोटि-कोटि लोग हैं जिनको विवेकानंद जी से प्रेरणा मिलती रही है। 1995 से 12 जनवरी विवेकानंद जयंती को नेशनल यूथ फेस्टिवल के रूप में मनाया जाता है, जो इस वर्ष 12 से 16 जनवरी तक रायपुर में होने वाला है। इस बार की थीम, ‘इन्डियन यूथ: ऑफ़ डेवलपमेंट स्किल एंड हारमनी है। हिंदुस्तान के कोने-कोने से, 10,000 से ज़्यादा युवा इकट्ठे होने वाले हैं, एक लघु भारत का दृश्य वहां पैदा होने वाला है। फेस्टिवल के संबंध में ‘नरेन्द्र मोदी ऐप’ पर आप डायरेक्टली मुझे अपने विचार और सुझाव भेजिए।
विकलांग नहीं दिव्यांग हैं हैंडीकैप
'मन की बात' PM मोदी ने अहमदाबाद के दिलीप चौहान, जो एक विज्युअली चैलेंज्ड टीचर हैं ने Accessible India के बारे में अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा, दिलीप जी, आपका धन्यवाद, आप तो स्वयं इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं आप भली-भांति इन बातों को समझते हैं। कई लोग होते हैं जो हादसे के शिकार होने के कारण अपना कोई अंग गवां देते हैं, कुछ को जन्मजात ही कोई क्षति रह जाती है। कभी हैंडीकैप शब्द सुनते थे, तो कभी डिसएबल शब्द सुनते थे, तो कभी स्पेशियली एबल्ड पर्सन-अनेक शब्द आते रहते हैं। जिन्हें हम विकलांग के रूप में जानते हैं, ईश्वर ने उनको एक्स्ट्रा पॉवर दी होती है, अलग शक्ति का निरूपण किया होता है। क्यों न हम विकलांग की जगह पर दिव्यांग शब्द का उपयोग करें, ये वो लोग हैं जिनके पास वो ऐसा एक अंग है जिसमें दिव्यता है। सुगम्य भारत अभियान के तहत फिजिकल और वर्चुअल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार कर उन्हें दिव्यांग लोगों के लिए सुगम्य बनाएंगे। स्कूल, अस्पताल, सरकारी दफ़्तर, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन; कितनी बातें हैं, सब में उसे सुगम्य बनाने के लिए इनोवेशन, टेक्नोलॉजी चाहिए।
‘डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर स्कीम’ गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज
‘डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर स्कीम’ (पहल) को गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिल गया है, अब ये सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है। नवम्बर तक 15 करोड़ एल.पी.जी. उपभोक्ता पहल योजना के लाभार्थी बन चुके हैं।एक तरफ़ आधार कार्ड का अभियान,दूसरी तरफ़ जन-धन एकाउंट खोलना,तीसरी तरफ़ लाभार्थियों की सूची तैयार करना,सिलसिला चल रहा है। मनरेगा के पैसे में बहुत शिकायत आती थी, कई स्थानों पर अब वो पैसा सीधा मजदूरी करने वाले के खाते में जमा होने लगा हैं। स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप में भी कठिनाइयां होती थीं, शिकायतें भी आती थीं, उनमें भी अब यह प्रारंभ कर दिया है, धीरे-धीरे आगे बढ़ाएंगे। अब तक अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से 40,000 करोड़ रुपए सीधे ही लाभार्थी के खाते में जाने लगे हैं। करीब-करीब 35 से 40 योजनायें अब सीधी-सीधी ‘डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर’ के अंदर समाहित की जा रही हैं।