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ब्लड मून से दुनिया के खत्म होने की भविष्यवाणी को नासा ने नकारा

नई दिल्ली: अल्पसंख्यक क्रिश्चियन समुदाय ने भविष्यवाणी की थी कि इस महीने के अंत तक दुनिया का खात्मा हो जाएगा। उनका कहना था कि ब्लड मून अपने साथ एक उल्का पिंड लाएगा जो तेज गति

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नासा ने कहा ब्लड मून से घबराएं नहीं, बनी रहेगी दुनिया

नई दिल्ली: अल्पसंख्यक क्रिश्चियन समुदाय ने भविष्यवाणी की थी कि इस महीने के अंत तक दुनिया का खात्मा हो जाएगा। उनका कहना था कि ब्लड मून अपने साथ एक उल्का पिंड लाएगा जो तेज गति के साथ पृथ्वी से टकराएगा। हालांकि नासा का इस संबंध में कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि किसी भी उल्का के पृथ्वी से टकराने की संभावना दूर-दूर तक नहीं बनती दिख रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि 28 सिंतबर को ब्लड मून पड़ रहा है। सूर्य के कारण चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ेगी (चंद्रग्रहण) और चांद लाल हो जाएगा। कुछ धार्मिक नेताओं का विश्वास है कि अप्रैल 2014 से यह चौथा चंद्रग्रहण होगा और यह इस बात का भी संकेत है कि दुनिया का खात्मा होने वाला है।

ईसाई समुदाय की दलील-
ब्लड मून थ्योरी की इस परिकल्पना के पीछे का तर्क बाइबल के जोएल 2:31 में दिया गया है; “और मैं आकाश में और पृथ्वी में चमत्कार दिखाऊंगा, खून और आग एवं धुंए के स्तंभ..सूर्य अंधकारमय हो जाएगा और चांद में लालिमा छा जाएगी, प्रभु के आने से पहले का यह एक महान और भयावह दिन होगा।” इसके मुताबिक बड़ा भूकंप आएगा, सूर्य काला हो जाएगा जैसे कि बालों का टाट, चंद्रमा में लालिमा (खून जैसी) छा जाएगी।

क्या है बल्ड मून-
नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि 28 सिंतबर को पृथ्वी की छाया से चंद्रमा के गुजरने के दौरान चंद्रग्रहण पड़ेगा। इस खगोलीय घटना को ब्लड मून कहा जाता है...क्योंकि ग्रहण के दौरान चंद्रमा पर लालिमा देखी जाती है।

क्या कहा नासा ने-
नासा का कहना है कि किसी भी छोटे ग्रह या उल्का के सैकड़ों वर्षों तक पृथ्वी से टकराने की संभावना नहीं है और न ही ऐसा कोई कण पृथ्वी से टकराने की प्रक्रिया से गुजर रहा है..इसलिए किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है।

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