नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी को झटका देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज नेशनल हेराल्ड मामले में उनको मिले समन को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी। इस मामले में उन्हें कल निचली अदालत में पेश होना है।
न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने अपने फैसले में कहा याचिकाओं को खारिज किया जाता है। उन्होंने व्यक्गित रूप से निचली अदालत में पेश होने से छूट देने के लिए सोनिया और राहुल की एक अन्य याचिका भी नामंजूर कर दी। सोनिया और राहुल के अलावा मामले के पांच अन्य आरोपी सुमन दुबे, मोती लाल वोहरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया लिमिटेड को कल अदालत में पेश होना है।
न्यायालय ने 6 अगस्त, 2014 के अंतरिम आदेश को बढ़ाने से भी इंकार कर दिया। इस आदेश मैं ही समन पर रोक लगाई गई थी। अदालत ने अपने फैसले में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को ब्याज मुक्त ऋण देने की जरूरत पर भी सवाल खड़े किये। ये नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक हैं। फैसले में कहा गया है ब्याज मुक्त ऋण देने की क्या जरूरत है। निचली अदालत ने पिछले साल 26 जून को स्वामी की शिकायत पर सभी आरोपियों को सात अगस्त, 2014 को अदालत में पेश होने का समन दिया था।
इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने 30 जुलाई, 2014 को उच्च न्यायालय का रुख किया जिसने पिछले साल 6 अगस्त को समन पर रोक लगा दी थी। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर की गई एक आपराधिक शिकायत के आधार पर इन नेताओं को समन जारी किये गए थे।
पार्टी के संचार मामलों के विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक बयान में कहा कि पार्टी ने अपने लंबे राजनैतिक जीवन में 'राजनैतिक विरोधियों द्वारा प्रायोजित' ऐसे कई मामले देखे हैं। उन्होंने बयान में कहा, "माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में दिए गए फैसले को कांग्रेस झटका नहीं मानती जैसा कि मीडिया के एक हिस्से में इसे बताया जा रहा है। कानूनी सलाह के आधार पर, हम मामले को माकूल कानूनी मंच पर उठाएंगे ताकि भाजपा का झूठ और इसके गंदे तिकड़मबाज विभाग की कारगुजारियां जनता के सामने बेनकाब हो सकें।"
बयान में कहा गया है, "भाजपा की केंद्रीय समिति के सदस्य स्वामी द्वारा दायर यह शिकायत भाजपा की क्षुद्र प्रतिशोध की राजनीति का हिस्सा और पूरी तरह गलत समझ पर आधारित है। यहां तक कि शिकायत में कही गई बातें भी नहीं कहतीं कि देश के कानून के तहत कोई अपराध हुआ है। यह पूरा मामला सनसनी फैलाने के लिए, राजनैतिक बदला लेने के लिए और कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने के लिए है।"
वहीं, भाजपा ने उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत किया है। पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, "यही होता है जब आप कौड़ियों के दाम में विशाल संपत्ति खरीदते हैं। भारत का कानून सभी के लिए समान है। सोनिया जी, राहुल जी, लुका छिपी ज्यादा देर नहीं चलती।"
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