नई दिल्ली: आज लोगों को ऑफिस, बस स्टेशन या फिर रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो-बस या टैक्सी के लिए भटकना पड़ सकता है। देश भर में 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियंस के 15 करोड़ कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। हड़ताल की वजह से बैंक, बीमा, पोस्टल, टेलीकॉम, बिजली, परिवहन समेत कई सेवाओं पर असर पड़ सकता है। श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में ये हड़ताल की गई है। हालांकि भारतीय मजदूर संघ और नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस हड़ताल में शामिल नहीं हो रही हैं।
यूनियनों का दावा है कि सरकारी और निजी क्षेत्र में उनके सदस्यों की संख्या 15 करोड़ है। सरकार से बातचीत बेनतीजा रहने के बाद मजूदर संघों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। हालांकि सरकार ने ट्रेड यूनियंस से हड़ताल पर ना जाने की अपील की है।
ट्रेड यूनियनों ने 12 सूत्रीय मांगों के समर्थन में हड़ताल का आह्वान किया है जिसमें श्रम कानून में प्रस्तावित श्रमिक विरोधी संशोधन को वापस लेना और सार्वजनिक उपक्रमों का विनिवेश और निजीकरण रोकना शामिल है।
दरअसल दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि कि टैक्सी स्कीम में नैनो कार और दूसरी छोटी कारों को दिल्ली की सड़कों पर उतारा जाएगा। ऑटोरिक्शा यूनियन इसी फैसले का विरोध कर रहे हैं। ऑटो यूनियन का कहना है कि सरकार के इस कदम से उनके काम पर बुरा असर पड़ेगा। ट्रेड यूनियन की हड़ताल को देखते हुए देश के तमाम बड़े शहरों में सुरक्षा बढ़ी दी गई है।
हो सकता है आपका इन मुश्किलों से सामना:
- आज बैंक में जरूरी काम अटक सकता है;
- आज आपको पोस्टल, टेलीकॉम के दफ्तर बंद मिल सकते हैं;
- ऑटो-बस या टैक्सी के लिए भटकना पड़ सकता है;
- आज आपको बिजली-गैस और पेट्रोल-डीज़ल की आपूर्ति की समस्या हो सकता है।
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