पटना: बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में आज राजग में शामिल भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएसएसी) के जरिए एएनएम की बहाली में पैरवी करने को लेकर स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव सहित नीतीश कुमार मंत्रिमंडल से तीन मंत्रियों को बर्खास्त किए जाने की मांग की।
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बिहार विधान परिषद स्थित अपने कक्ष में पत्रकारों से प्रतिपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पिछले महीने आयोजित लिपिक संवर्ग की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रही।
विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट में गिरफ्तार बीएसएसएसी के पूर्व सचिव परमेश्वर राम के मोबाईल फोन से प्राप्त जानकारी का जिक्र किया है जिसमें एएनएम की बहाली में पैरवी करने वालों में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के ओएसडी शंकर प्रसाद, विधि मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा और सहकारिता मंत्री आलोक मेहता का नाम आया है जिन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए और एनएनएम बहाली मामले की सीबीआई से जांच करायी जाए।
इन लोगों के अलावा एएनएम बहाली के लिए पैरवी करने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह, जदयू विधायक राम बालक सिंह और भाजपा विधायक सुरेश शर्मा के नाम भी शामिल हैं। सुशील ने कहा कि मीडिया में आयी रिपोर्ट में जिस शंकर प्रसाद द्वारा वसंती कुमारी सहित तीन एएनएम अभ्यर्थियों के लिए एसएमएस भेजा गया वे तेज प्रताप के ओएसडी हैं और जिनके विभाग में ही एएनएम की बहाली होनी थी।
उन्होंने कहा कि जहां तक इस मामले में भाजपा विधायक सुरेश शर्मा द्वारा पैरवी किए जाने की बात है तो उनसे पार्टी द्वारा इस संबंध पूछे जाने पर शर्मा ने कहा है कि उन्होंने कोई फोन नहीं किया है फिर भी अगर सरकार चाहती है तो जांच करवा सकती है।
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