नई दिल्ली: बिहार चुनाव को लेकर तेज होती सरगर्मी के बीच भाजपा ने भी संकेत दे दिए हैं कि वो सितंबर के पहले सप्ताह में ही अपने सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर अहम फैसला ले लेगी। भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में पार्टी की प्रचंड जीत की उम्मीद है। भाजपा के पार्टी कार्यकर्ताओं को लगता है जनता लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के शासन से ऊब चुकी है और अब वो भाजपा का साथ देगी। वहीं कार्यकर्ता नरेंद्र मोदी की ताबड़तोड़ रैलियों के कारण राज्य में भाजपा की लहर बनने की संभावनाओं को बल देने की कोशिश कर रहे हैं।
आपको बता दें कि इसी साल अक्टूबर-नवंबर महीने में बिहार विधानसभा चुनाव होने हैं जिसमें भाजपा को कांग्रेस, आरजेडी और जदयू के महागठबंधन से मुकाबिल होना है। भाजपा महासचिव एवं राज्य(बिहार) प्रभारी भूपेंद्र यादव ने बताया, “सहयोगी दलों जैसे लोजपा, आरएलएसपी और हम (सेक्युलर) के नेताओं से सीट बंटवारे के लिए मुलाकातें की हैं। हम अपनी औपचारिक बातचीत सितंबर के पहले सप्ताह में करेंगे।”
गौरतलब है कि कांग्रेस, आरजेडी और जदयू के महागठबंधन की सीटों के बटवारे की बात फाइनल होने के बाद एनडीए के प्रमुख दल भी सीटों के बटवारे का लगातार दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
| क्या है गणित- |
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| महागठबंधन |
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| कांग्रेस |
37 सीटें |
| आरजेडी |
100 सीटें |
| जदयू |
100 सीटें |
| एनसीपी |
3 सीटें |
| एनडीए का गठबंधन- (संभावित) |
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| भाजपा |
165-170 सीटें |
| लोजपा |
40-45 सीटें |
| रालोसपा |
20-25 सीटें |
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