नई दिल्ली: देश और दुनिया में मैगी के बढ़ते विवाद के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस पर प्रतिबंध लगाने को लेकर दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई को 14 जुलाई तक के लिए टाल दिया है। देशभर में मैगी की खरीद-फरोख्त पर तो पाबंदी है, हालांकि कोर्ट ने मैगी के निर्यात को हरी झंडी दे दी है।
दरअसल यह पूरी विवाद मैगी के उस दावे के बाद खड़ा हुआ था जिसमें नेस्ले का कहना था कि उनकी कंपनी में बने उत्पादों में सीसे की मात्रा 2.5 पीपीएम से ज्यादा नहीं है, जबकि जांच में यह मात्रा करीब 17 पीपीएम से ज्यादा की पाई गई। इसके बाद देश और दुनियाभर में मैगी के नमूने परखे जाने लगे और अधिकांश स्थानो पर इसके पैकेट्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
सरकार और FSSAI का कहना है कि अगर प्रोडक्ट अच्छा है तो दुसरे देशों में बिना किसी पाबंदी के निर्यात कर सकते है। कोर्ट ने कहा है कि FSSAI नेस्ले के प्लांट पर कभी भी विजिट कर सकती है। फिलहाल मैगी पर बैन जारी रहेगा। नेस्ले ने बाजार से 11,000 करोड़ मैगी के पैकेट वापस ले लिए हैं जबकि 6000 करोड़ पैकेट कंपनी के पास थे।
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