1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. दिल्ली में यमुना किनारे श्री श्री के कार्यक्रम को मंजूरी, 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया

दिल्ली में यमुना किनारे श्री श्री के कार्यक्रम को मंजूरी, 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया

नई दिल्ली: श्रीश्री रविशंकर द्वारा यमुना किनारे आयोजित विश्व सांस्कृतिक महोत्सव को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) एनजीटी से मंजूरी मिल गई है। साथ ही एनजीटी ने इस कार्यक्रम के एवज में श्रीश्री के आर्ट ऑफ

shri shri- India TV Hindi
shri shri

नई दिल्ली: श्रीश्री रविशंकर द्वारा यमुना किनारे आयोजित विश्व सांस्कृतिक महोत्सव को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) एनजीटी से मंजूरी मिल गई है। साथ ही एनजीटी ने इस कार्यक्रम के एवज में श्रीश्री के आर्ट ऑफ लिविंग पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले जल संसाधन मंत्रालय ने एनजीटी से कहा था कि श्रीश्री रविशंकर के इस कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी है। इस मामले को लेकर एनजीटी में सुनवाई की गई। हालांकि भाजपा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि श्रीश्री के कार्यक्रम को सारी मंजूरी मिली हुई है।

इससे पहले बुधवार को सुनवाई के दौरान एनजीटी ने पर्यावरणीय मंजूरी के मामले में उसके कहे अनुसार शपथ पत्र दायर नहीं करने पर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की खिंचाई की। एनजीटी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से पूछा कि क्या वह जांच किए बिना यमुना नदी में एंजाइम डालने की अनुमति दे सकती है। एनजीटी ने केंद्र, दिल्ली सरकार और डीडीए से पूछा कि क्या एओएल समारोह की तैयारियों और इसके परिणामस्वरूप पड़ने वाले असर के संबंध में कोई पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन किया गया था। दिल्ली सरकार ने एनजीटी को बताया कि सीपीडब्ल्यूडी ने संरचनात्मक सुरक्षा संबंधी मसलों के कारण एओएल से प्रधानमंत्री के लिए एक अलग मंच बनाने को कहा था। 

एनजीटी ने एओएल से मंच के निर्माण, नदी के डूब क्षेत्र को समतल करने, मलबा हटाने और पंटून पुल के निर्माण में हुए खचरें की जानकारी जमा करने को कहा। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने एनजीटी में हलफनामा दायर कर बताया है कि डूब वाले क्षेत्रों में अस्थायी ढांचे के लिए किसी भी पर्यावरणीय मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। दिल्ली पुलिस का कहना है विश्व संस्कृति महोत्सव के आयोजन स्थल पर मौजूद ‘खामियों’ को यदि तुरंत दुरूस्त नहीं किया गया तो वहां भगदड़ और अफरा तफरी मच सकती है। यमुना खादर क्षेत्र में 11-13 मार्च को आयोजित होने वाले इस महोत्सव का आयोजन श्री श्री रविशंकर का ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ कर रहा है।

गौरतलब है कि दिल्ली में यमुना के बाढ़ के डूब वाले क्षेत्र में प्रस्तावित विवादास्पद तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के सिलसिले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण के कल के तीखे सवाल करने के बाद उस पर संशय के बादल मंडराने लगे है। पर्यावरणविद पहले से ही इस आयोजन के विरूद्ध हैं।

Latest India News