नई दिल्ली: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली आरटीओ को 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन खत्म करने का आदेश दिया है। दिल्ली आरटीओ को जारी किए गए आदेश में एनजीटी ने कहा कि इस पर तत्काल अमल किया जाए। इस मामले में अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
अपने आदेश में एनजीटी ने कहा, '10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन खत्म किया जाए। आरटीओ जिन वाहनों का रजिस्ट्रेशन खत्म करेगा, उनकी लिस्ट ट्रैफिक पुलिस को सौंपी जाए।' एनजीटी के आदेश के बाद आरटीओ अब इस संबंध में एक पब्लिक नोटिस जारी करेगा। वहीं, ट्रकों को फिलहाल कुछ समय के लिए राहत दी गई है।
एनजीटी की ओर से आरटीओ को निर्देश दिया गया है की ऐसे वाहनों की जानकारी ट्रैफिक पुलिस को दें और पुलिस कार्रवाई करे। इसके साथ ही दिल्ली में स्कूल और हॉस्पिटल्स को ‘नो हांकिंग जोन’ के रूप में चिह्नित किया गया या नहीं इस पर भी एनजीटी ने जवाब मांगा है।
एनजीटी ने इसी के साथ आदेश दिया है कि वाहनों में बाहर से कोई हॉर्न नहीं लगाए जाएंगे। दो पहिया वाहन पर भी यह नियम लागू होगा। एनजीटी ने यह भी पूछा है कि जब डीजल वाहन, पेट्रोल वाहन की तुलना में महंगे हैं तो आखिर इनपर रोक लगाने में परेशानी क्या है?
गौरतलब है कि डीजल वाहनों पर पहले से ही तलवार लटक रही थी। दिल्ली में प्रदूषण को लेकर काफी चिंता जताई जा चुकी है। एनजीटी में आज दिल्ली सरकार को अपना जवाब देना है, जिसमें दिल्ली सरकार को बताना था कि क्या 10 साल से अधिक पुरानी डीजल गाड़ियां और 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के चलने पर रोक लगाई जा सकती है। एनजीटी ने पिछली सुनवाई के दौरान एक टिप्पणी करते हुए सख्त संकेत दे दिया था।
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