पटना: बिहार सरकार के पटना एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को वहां मौजूद आम और लीची का आनंद लेने से रोकने के लिए 24 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बाद नीतीश कुमार और मांझी के बीच जुबानी जंग शुरू हो गयी है। मांझी फरवरी महीने में मुख्यमंत्री पद से हटाने के बावजूद मुख्यमंत्री आवास में रह रहे हैं जबकि नीतीश फिलहाल 7 सकुर्लर रोड स्थित एक सरकारी आवास में रह रहे हैं।
एक अणे मार्ग स्थित फलदार वृक्षों, जिसमें आम और लीची आदि शामिल हैं, से फल तोड़ने से मांझी और उनके परिवार को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती को नीतीश की ओछी मानसिकता का प्रतीक बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, यह आश्चर्य की बात है कि एक व्यक्ति एक बंगले में रहता है, लेकिन वहां लगे वृक्षों के फलों का आनंद नहीं ले सकता। नीतीश ने मांझी के आरोप पर हंसते हुए आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान उसे तुच्छ बताया और कहा कि इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं थी और जब आज अखबारों के जरिए उससे अवगत हुए तो प्रदेश के पुलिस महानिदेशक पी के ठाकुर से पूछा है कि मामला क्या है और ऐसा क्यों हो रहा है?
उन्होंने कहा कि अगर उनकी जानकारी में इसे पहले लाया जाता तो वे एक अणे मार्ग में पेड़ों पर लगे सभी आम और लीची तुड़वाकर वहां रहने वाले मांझी को दे देते। ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री जैसी हस्तियों की सुरक्षा के लिए एसएसजी की तैनाती की जाती है और वर्तमान विवाद को लेकर एसएसजी के समादेष्टा से रिपोर्ट तलब की गयी है।
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